वैशाख महीने की अमावस्या बहुत खास दिन होती है और इस बार सूर्य-चंद्रमा की युति का दुर्लभ संयोग से यह विशेष हो गई है. सूर्य-चंद्रमा की युति को अमावस्या योग और व्यतिपात योग कहते हैं. ऐसे में अमावस्या तिथि के दिन ही सूर्य-चंद्र का अमावस्या योग दुर्लभ स्थिति है. कल 17 अप्रैल 2026 को वैशाख अमावस्या पर सूर्य व चंद्रमा दोनों ही मेष राशि में रहेंगे. ऐसे जातक जिनके काम नहीं बन पा रहे हैं, भाग्य का साथ नहीं मिल रहा है, पितृ दोष तंग कर रहा है, वे अमावस्या पर कुछ खास चीजों का दान जरूर करें.
जल में निवास करते हैं देवता और तीर्थ: वैशाख महीने का हिंदू धर्म में खास महत्व है. इसे लेकर मान्यता है कि इस महीने में देवता और तीर्थ जल में निवास करते हैं. इसलिए वैशाख में जल का दान करने, पवित्र नदियों में स्नान करने, पितरों को जल का तर्पण करने का विशेष महत्व है. उस पर वैशाख अमावस्या के दिन तो ये काम जरूर करने चाहिए. अप्रैल में वैशाख अमावस्या है, जो कि 17 तारीख को पड़ रही है.
साथ ही इस दिन सूर्य व चंद्रमा मेष राशि में युति करेंगे. सूर्य 14 अप्रैल 2026 को मेष राशि में आ चुके हैं. वहीं द्रिक पंचांग के अनुसार चंद्रमा 17 अप्रैल की दोपहर 12:02 बजे मेष राशि में प्रवेश करेंगे और 19 अप्रैल की दोपहर 12:30 तक रहेंगे. इससे मेष राशि में सूर्य-चंद्र की युति से अमावस्या योग बनेगा, जो इस बार अमावस्या तिथि के दिन ही बन रहा है. यह एक दुर्लभ संयोग है.
इन चीजों का करें दान
➤अमावस्या पर गंगा नदी या अन्य पवित्र नदी में स्नान करें, तिपरों के लिए तर्पण करें, दीपदान करें. इससे पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देंगे. जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ेगी. करियर में तरक्की मिलेगी.
➤गरीब लोगों, राहगीरों को जल, ठंडे पेय जैसे-शरबत पिलाएं. रसीले फलों का दान दें.
➤गरीब व्यक्ति को बिस्तर का दान करें. सूती कपड़े पहनने के लिए दें. इससे सारे पाप नष्ट होते हैं. मान्यता है कि वैशाख अमावस्या पर बिछावन, चटाई, बिस्तर का दान व्यक्ति को मोक्ष दिलाता है.
➤मटके दान करें, प्याऊ लगवाएं.
➤पंखे का दान करें. तपती जमीन से राहत देने के लिए जूते-चप्पल का दान करें.
















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