हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है. कहा जाता है कि जब शनि की डेढ़ी नजर किसी व्यक्ति पर पड़ती है, तो उसके जीवन में विपदाओं की आंधी आ जाती है. वहीं, जब शनि किसी जातक के कर्मों से प्रसन्न रहते हैं, तो उसे जीवन में हर प्रकार की सुख-सुविधा प्राप्त होती है.
शनि देव को प्रसन्न करने लिए शनि जयंती बेहद खास मानी गई है. मान्यता है कि इस दिन शनि की उपासना करने से जीवन में शुभता का संचार होता है और नौकरी-कारोबार में खूब तरक्की देखने को मिलती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल शनि जयंती का शुभ संयोग कब बन रहा है, इस दिन ऊनकी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है और इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं.
कब है शनि जयंती ? धार्मिक परंपरा के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती मनाने का विधान है. दृक पंचांग के अनुसार, इल साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी. जबकि, इस तिथि की समाप्ति 16 मई की देर रात 1 बजकर 30 मिनट पर होगी. ऐसे में इस साल शनि जयंती 16 मई को ही मनाई जाएगी. शास्त्रों के मुताबिक, शनि देव की पूजा प्रदोष काल यानी शाम के वक्त करना शुभ फलदायी है. ऐसे में इस दिन शनि देव की पूजा के लिए शाम 7 बजकर 5 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक का समय बेहद शुभ माना जा रहा है.
शनि जयंती पर क्या करें: शास्त्रों के अनुसार शनि जयंती के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर शनि मंदिर जाएं और उन्हें काले तिल, सरसों के तेल नीले फूल और उड़द की दाल अर्पित करें. इसके साथ ही शनि मंदिर में बैठकर “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का अधिक से अधिक जाप करें. शनि जयंती पर दान का विशेष महत्व बताया गया है. इसलिए इस दिन अपनी क्षमता के मुताबिक जरूरतमंदों के बीच काले कंबल, अनाज, उड़द दाल, सरसों का तेल, काले रंग का छाता, जूते-चप्पल इत्यादि दान करें. कहा जाता है कि शनि जयंती पर हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि के कष्टों से मुक्ति मिलती है. इसलिए इस दिन किसी हनुमान मंदिर में बैठकर हनुमान चालीसा का कम से कम 3, 5, 7, 9 या 11 बार पाठ करें.
शनि जयंती पर क्या न करें
➤शनि जयंती के दिन किसी भी कीमत पर तामसिक भोजन जैसे- मांस, मछली और शराब इत्यादि का सेवन ना करें,
➤शनि जयंती के दिन बाल और नाखून काटना निषेध माना गया है. इसलिए इस दिन इन कामों को करने से बचें;
➤शास्त्रों के अनुसार, शनि जयंती के दिन किसी भी गरीब व्यक्ति या जरूरतमंदों को कष्ट ना दें. इस दिन खासतौर से करीब, सफाई करने वाले और दीन-हीन व्यक्तियों को कष्ट नहीं देना चाहिए;
➤ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लोहे पर शनि का विशेष प्रभाव रहता है, इसलिए शनि जयंती के शुभ अवसर लोहे की वस्तुएं ना खरीदें. इसके अलावा इस दिन सरसों का तेल भी नहीं खरीदना चाहिए;
➤ध्यान रहे कि शनि जयंती पर शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाया जाता है, ऐसे में इस दिन उन्हें अशुद्ध तेल अर्पित ना करें.ऐसा करने से शनि देव नाराज हो सकते हैं.
















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