आज परिघ योग में करें गुरुवार व्रत पूजा, पायें भगवान विष्णु व कृष्ण की कृपा

Spread the love

सनातन धर्म में सप्ताह के हर दिन को किसी न किसी देवता या देवी के लिए समर्पित किया गया है. इस तरह तय दिन पर तय देवी या देवता की पूजा की जाती है या उनके निमित्त व्रत का संकल्प किया जाता है. इसी तरह गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की उपासना करने का विधान है. गुरुवार के दिन की शुरुआत गुरु बृहस्पति ग्रह से होता है जो भाग्य के कारक ग्रह हैं. ऐसे में गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति की पूजा करना भी अति शुभ माना जाता है.

आज 9 अप्रैल गुरुवार का दिन विशेष है क्‍योंकि आज व्रत रखने और पूजा करने से भगवान विष्‍णु और भगवान कृष्‍ण दोनों की कृपा प्राप्‍त होगी. जन्‍माष्‍टमी की पूजा रात में की जाती है इसलिए अष्‍टमी तिथि का निशिता काल जिस दिन पड़ता है, उसी दिन जन्‍माष्‍टमी मानी जाती है. वैशाख महीने के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी तिथि 9 अप्रैल की रात 09:19 बजे से प्रारंभ हो रही है. लिहाजा 9 अप्रैल को मासिक कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी मनाई जाएगी. साथ ही गुरुवार का दिन होने के कारण गुरुवार व्रत रखा जाएगा और भगवान विष्‍णु की पूजा की जाएगी.

करें मंत्र जाप: गुरुवार के दिन अगर सुबह सबेरे उठकर स्नान आदि करें और भगवान विष्णु न देव गुरु बृहस्पति का ध्यान करें तो दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ होती है. इस दिन भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की पूजा करें और उनके मंत्रों का जाप सच्चे मन से करें तो अति शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है और भाग्य खुल सकता है. ज्ञान, धन और संतान सुख के साथ ही सम्मान की प्राप्ति हो सकती है. कुछ मंत्रों के जाप से तो आध्यात्मिक प्रगति भी होने लगती है. ऐसे में आइए जानें गुरुवार की सुबह किन मंत्रों का जाप करना अति शुभ फलदायी होता है.

गुरुवार को किए जाने वाले प्रमुख मंत्र: ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’– बृहस्पति देव मंत्र के इस प्रभावशाली मंत्र का जाप करें. इस मंत्र का जाप करने से कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है जिससे जातक को शिक्षा, संतान और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. विवाह होने में आ रहीं बाधाएं दूर होती हैं.

‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’– भगवान विष्णु के इस बीज मंत्र का जाप करें. जीवन में सुख, शांति, सौभाग्य, सफलता और समृद्धि आएगी. हमेशा भगवान की कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी.

अपने ज्योतिषाचार्य के सुझाव पर अपने आध्यात्मिक गुरु के लिए गुरु मंत्र का जाप कर सकते हैं. इस मंत्र का जाप कर एक शिष्य अपने गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करता है. मंत्र है-
‘गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः।
गुरु साक्षात् परब्रह्म, तस्मै श्री गुरवे नमः॥’

कैसे करें मंत्रों का जाप? मंत्र जाप करने का भी एक नियम है. इसके लिए गुरुवार के दिन प्रातः काल में उठकर स्नान आदि करें और साफ पीले वस्त्र धारण कर लें. अब पूर्व दिशा की ओर अपना मुख करें और मंत्रों का जाप करें. इस दिशा में मंत्रों की शक्ति जल्दी ही सक्रिय होकर शुभ प्रभाव जातकों पर देने लगती हैं. गुरुवार को मंत्र जाप करने से मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है और भाग्य का साथ बना रहता है. हर ओर से जातक को सफलता मिलती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *