नोएडा हिंसा का मुख्य आरोपी पकड़ा गया, 6 दिन से तमिलनाडु में छिपा था एक लाख का इनामी

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नोएडा में श्रमिक आंदोलन भड़काने के मामले में फरार आदित्य आनंद को UP एसटीएफ ने तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया. नोएडा पुलिस की 6 टीमें उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थीं.

आदित्य आनंद ने ही रूपेश राय और मनीषा के साथ मिलकर श्रमिकों को उकसाया था. इन तीनों ने मिलकर 9 और 10 अप्रैल को कई सारे वॉट्सएप ग्रुप बनाए थे। थाना फेस-2 में आदित्य आनंद के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. उसकी गिरफ्तारी के लिए गौतमबुद्धनगर कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था.

दरअसल, नोएडा में श्रमिक आंदोलन को सुनियोजित तरीके से भड़काया गया था. इसमें अंतरराष्ट्रीय साजिश के संकेत मिले हैं. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर सक्रिय दो हैंडल @Proudindiannavi और @Mir_Ilyas_INC पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा रहे थे.

रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया: आदित्य आनंद पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था. पुलिस की टीमों ने उसे पकड़ने के लिए कई राज्यों में लगातार दबिश दी, सर्विलांस की मदद ली. आखिरकार उसे तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया गया.

आदित्य आनंद ने NIT जमशेदपुर से बीटेक किया है. प्रोटेस्ट के दौरान वह लगातार नोएडा में मौजूद था. आरोप है कि उसने QR कोड के जरिए कई वॉट्सएप ग्रुप बनाए, उनमें प्रदर्शनकारियों को जोड़ा. उसने भड़काऊ भाषण देकर श्रमिकों को उकसाया था.

डिजिटल साजिश रची जा रही थी: नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया था- @Proudindiannavi और @Mir_Ilyas_INC इस सोशल मीडिया अकाउंट्स से लगातार भ्रामक और भड़काऊ सामग्री पोस्ट की जा रही थी. इनका मकसद गौतमबुद्धनगर में कानून-व्यवस्था बिगाड़ना और श्रमिकों को हिंसा के लिए उकसाना था. इन एक्स हैंडल्स का संचालन वीपीएन से किया जा रहा था जिससे वास्तविक लोकेशन छिपाई जा सके.

जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क पिछले 3 महीनों से एक्टिव था. इससे जुड़े आईपी एड्रेस भी पाकिस्तान से जुड़े मिले हैं. अब इनका बैक डेटा मंगवाकर डिजिटल साजिश की परतें खोली जा रही हैं.

मजदूर बिगुल दास्ता से जुड़ा है आदित्य आंनद: जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि मजदूर संगठन के प्रमुख रूपेश राय उसके सहयोगी मनीषा और आदित्य आनंद इस साजिश के चेहरे थे. ये तीनों 31 मार्च और 1 अप्रैल को नोएडा में सक्रिय थे. फिर 9-10 अप्रैल को कई वॉट्सएप ग्रुप बनाकर श्रमिकों को सड़कों पर उतरने, तोड़फोड़, आगजनी और हिंसक प्रदर्शन करने के लिए भड़काया.

इस साजिश का असर यह हुआ कि 13 अप्रैल को नोएडा के कई इलाकों में हिंसक भीड़ ने ईंट-पत्थरबाजी, आगजनी की. पुलिस ने अब तक 63 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है.

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