मिडिल ईस्ट की जंग और भयानक होती जा रही है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के पहरे ने इस युद्ध को और भीषण कर दिया है.वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अगले 48 घंटे में होर्मुज को पूरी तरह नहीं खोलता है तो उनके पावर प्लांट पर हमले होंगे . वहीं ईरान की ओर से इजरायल और गल्फ देशों पर हमले जारी है. ईरान ने इजरायल के परमाणु प्लांट को निशाना बनाया. इन सबके बीच भारत ने बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल करते हुए LPG गैस से लदे एक और जहाज को अपने पोर्ट तक पहुंचाने की सफलता हासिल की है. युद्ध के बीच ये भारत की बड़ी सफलता है.
भारत पहुंचा गैस से भरा एक और जहाज: मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग का असर भारत पर भी पड़ा है. भारत में गैस और तेल संकट का खतरा मंडराने लगा है. संकट के बीच भारत ने अपनी मजबूत कूटनीतिक रणनीति को बदौलत तेल और गैस से लदे शिवालिक, नंदा देवी, जग लाडकी जहाजों को होर्मुज पार करवाने में सफलता हासिल की. खुद ईरानी नौसेना ने इन जहाजों को अपनी निगरानी ने होर्मुज के रास्तों को पार करवाया. होर्मुज पर मंडराते खतरे के बीच भारत ने अब अमेरिका से गैस की खरीद की है. अमेरिका के टेक्सास से गैस की बड़ी खेप लेकर Pyxis Pioneer जहाज भारत पहुंच गया है. भारत के मंगलुरु पोर्ट पर यह जहाज पहुंचा है.
25 मार्च को आ रहा एक और शिप अपोलो ओसियन: Pyxis Pioneer मंगलुरु पहुंच चुका है. वो अकेले नहीं है. उसके पीछे-पीछे 25 मार्च को एक और शिप अपोलो ओसियन 26,687 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत पहुंच रहा है. उसके ठीक पीछे 30 हजार मीट्रिक टन गैस लेकर दूसरा जहाज भारत पहुंच रहा है.होर्मुज संकट को दूर करने के लिए भारत ने अमेरिका से गैस का आयात शुरू किया है. ये रास्ता लंबा है, लेकिन सुरक्षित है.
भारत की कोशिश की इस मुश्किल वक्त में देश में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस के सप्लाई को बनाए रखना है. अमेरिका से गैस आयात बढ़ाने के साथ-साथ भारत ईरान से लगातार संपर्क बनाए हुए है, ताकि होर्मुज सीमा पर अटके उसके 22 जहाजों को सुरक्षित इस गलियारे को पार करवाया जा सके. गैस का आयात बढने से देश में मौजूदा किल्लत को कम किया जा सकेगा. जिस तरह ने ईरान हमलावर रवैया दिखा रहा है और अमेरिका धमकी दे रहा है, उसे देखते हुए लग रहा है कि ये युद्ध इतनी आसानी से खत्म नहीं होने वाला है. ऐसे में भारत अपना बैकअप प्लान तैयार कर रहा है.















Leave a Reply