बाराबंकी के निंदूरा क्षेत्र में रविवार सुबह बिजली के केबिल को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. पड़ोसियों ने युवक पर ईंट और बल्ली से हमला कर उसकी हत्या कर दी, जबकि बचाव में आई पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है घटना घुंघटेर थाना क्षेत्र के महत्वानी गांव की है.
बिजली केबिल हटाने पर विवाद: यहां रहने वाले सुरेंद्र यादव (40) मूल रूप से हरदोई जिले के निवासी थे, लेकिन शादी के बाद पिछले 17 वर्षों से अपनी ससुराल में रह रहे थे. बताया जा रहा है कि पड़ोसी मांगू और राम खेलावन ने अपने घर तक बिजली का केबिल सुरेंद्र के मकान की छत से होकर निकाल रखा था. इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था.
बरसात में करंट उतरने का खतरा रहता था: ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दौरान केबिल में करंट उतरने का खतरा बना रहता था, जिससे बच्चों की जान को जोखिम था. इसको लेकर सुरेंद्र कई बार पड़ोसियों से केबिल हटाने की मांग कर चुके थे, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे. रविवार सुबह सुरेंद्र ने खुद ही केबिल खींचकर नीचे फेंक दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया.
पड़ोसी ने पीट-पीटकर मार डाला: इस बात से नाराज होकर पड़ोसी मांगू और राम खेलावन ने सुरेंद्र पर अचानक हमला कर दिया. पहले ईंटों से वार किया गया, फिर बल्ली से बेरहमी से पीटा गया. शोर सुनकर सुरेंद्र की पत्नी आरती बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन आरोपियों ने उसे भी मारपीट कर घायल कर दिया. हमले में सुरेंद्र के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा. घटना के बाद आरोपी फरार हो गए.
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस: स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. वहां डॉक्टरों ने सुरेंद्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि आरती का इलाज जारी है. पुलिस ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है, लेकिन मामले की जांच की जा रही है. आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है. जल्द ही गिरफ्तारी कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं इस घटना के बाद से मोहल्ले में हड़कंप मच गया. घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
















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