ईरान ने रविवार रात इजराइल की राजधानी तेल अवीव समेत कई शहरों पर क्लस्टर बम दागे. इस हमले में करीब 15 लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर है. कई घरों और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा. इसके बाद इजराइल ने भी सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान में मिसाइल हमले किए.
इस बीच, अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि इजराइल तब तक अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा, जब तक ईरान को ‘घुटनों पर’ नहीं ला दिया जाता. इजराइल अब ऐसे देश के साथ नहीं रह सकता, जो उस पर लगातार हमले कर रहा है.
दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि किसी भी हमले का जवाब मैदान में दिया जाएगा. अगर ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा.
ईरान से सीजफायर पर बात करना चाहते हैं ट्रम्प: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ सीजफायर पर बात करना चाहती है. इस काम में ट्रम्प के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी लगे हुए हैं. यह जानकारी एक्सियोस न्यूज ने दी है.
ईरान ने रखी बातचीत की शर्त: हालांकि ईरान ने बातचीत के लिए शर्त रखी है कि पहले जंग रोकी जाए और उसे हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए. ईरान का यह भी कहना है कि भविष्य में उस पर फिर से हमला नहीं होगा, इसकी पक्की गारंटी मिले.
दूसरी तरफ, ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वे अभी ईरान की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं हैं, खासकर मुआवजे की मांग को. अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिलहाल नहीं हो रही है लेकिन मिस्र, कतर और ब्रिटेन जैसे देश मध्यस्थ का रोल निभा रहे हैं.
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना मिसाइल प्रोग्राम कुछ समय के लिए बंद करे, यूरेनियम एनरिचमेंट रोक दे और अपने परमाणु ठिकानों को भी बंद करे. इसके अलावा, ईरान हिजबुल्लाह और हमास को पैसे देना भी बंद करे.














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