अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार घुटनों पर आने वाला बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि पांच दिनों में ईरान से कभी भी समझौता हो सकता है. सोमवार को फॉक्स बिजनेस नेटवर्क से बात कतरते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान एक समझौते के लिए बहुत उतावला है और यह डील पांच दिनों या उससे भी कम समय में हो सकती है. ट्रंप ने ‘मॉर्निंग्स विद मारिया’ कार्यक्रम की होस्ट को बताया कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशर तथा उनके ईरानी समकक्षों के बीच सबसे हालिया बातचीत रविवार रात को हुई थी.
इस दौरान ट्रंप ने कहा कि ये बातचीत सकारात्मक और उत्पादक रही हैं, जिसके आधार पर उन्होंने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर किसी भी सैन्य हमले को पांच दिनों के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि जारी चर्चाओं से क्षेत्र में शत्रुता का पूर्ण समाधान निकल सकता है. बता दें कि ट्रंप की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर अमेरिकी अल्टीमेटम के बाद बातचीत तेज हुई है.
गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और बुनियादी ढांचे पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित करने की घोषणा की है, जबकि ईरान ने इसे अपनी ‘कड़ी चेतावनी’ का परिणाम बताया है. ट्रंप ने कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच ‘सार्थक और रचनात्मक बातचीत’ हुई है, जिसके मद्देनजर उन्होंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरानी ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य कार्रवाई पांच दिन के लिए रोक दी जाए. उन्होंने कहा कि यह फैसला चल रही वार्ताओं की प्रगति पर निर्भर करेगा.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में आपसी दुश्मनी को पूरी तरह से खत्म करने के संबंध में बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है. इन गहरी, विस्तृत और रचनात्मक बातचीत को देखते हुए मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि वे ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचनाओं पर सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दें. इससे पहले ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले करेगा.
इस चेतावनी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा था कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया तो वह पूरे पश्चिम एशिया में ऊर्जा और जल अवसंरचना पर जवाबी हमले करेगा. ट्रंप के नये बयान के बाद ईरान ने आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. अफगानिस्तान के काबुल स्थित ईरानी दूतावास नेट्रंप के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘ईरान की कड़ी चेतावनी’ के बाद हमले टालने का निर्णय लिया. वहीं, ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ट्रंप पीछे हट गए.














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