UP के रामपुर में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने गुरूवार को जेल में बंद सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के परिवार से मुलाकात कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अजय राय ने आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा से मुलाकात के बाद कहा कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल में अत्याचार किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जेल के अंदर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी जा रहीं, जैसे तख्त और जरूरी दवाइयां. इससे साफ होता है कि सरकार उन्हें प्रताड़ित कर रही है.
गुरूवार को अजय राय अचानक रामपुर पहुंचे, जहां आजम खान के बड़े बेटे अदीब आजम खान ने उनका स्वागत किया और उन्हें आवास के भीतर ले गए. इस दौरान तंजीन फातिमा भी मौजूद रहीं. मुलाकात में सपा के स्थानीय नेता आसिम राजा, जिलाध्यक्ष अजय सागर और बिलासपुर के पूर्व विधायक संजय कपूर भी शामिल हुए.
इस मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि आजम खान सपा से नाराज चल रहे हैं. ऐसे में ये मुलाकात आजम को कांग्रेस के खेमे लाने की कवायद तो नहीं है. हालांकि अभी तक इसे सिर्फ शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है लेकिन इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश भी हो सकता है.
हालांकि, अभी तक दोनों दलों की ओर से इस मुलाकात के राजनीतिक मायनों को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन आगामी चुनावों को देखते हुए इसे अहम माना जा रहा है.
इससे पहले अक्टूबर 2023 में जब अजय राय सीतापुर जेल मिलने गए थे तो आजम खान ने मिलने से मना कर दिया था और वो वापस लौट आए थे. जेल नियमों के मुताबिक 15 दिन में आजम दो लोगों से मिल सकते थे और तब वो एक बार परिवार के एक सदस्य से मिल चुके थे. दूसरा मौका भी वो परिवार से मिलने के लिए बचाकर रखना चाहते थे, इसलिए तब मिलने से मना कर दिया था. वहीं कुछ दिन पहले आजम खान और अब्दुल्ला आजम से मिलने के लिए पत्नी डॉ तंजीन फातिमा, बड़े बेटे अदीब आजम और अब्दुल्ला आजम के दोस्त अनवार रामपुर जेल पहुंचे थे.
जहां प्रशासन ने पत्नी और बेटे को तो उनसे मुलाकात करने दी लेकिन अब्दुल्लाह के दोस्त को मिलने से मना कर दिया था. जिस पर तंजीन ने कहा था कि अनवार को रोकने की वजह पता नहीं चली है. मैं जेल प्रशासन से यह मालूम करना चाहती हूं कि आखिर उन्हें क्यों रोका गया? क्योंकि अनवार का नाम उन 9 लोगों की सूची में है, जिन्हें पुलिस और एलआईयू ने वेरीफाई किया था. जिसके बाद भी उन्हें जेल के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई.
















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