पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में एक महिला बैंककर्मी के साथ उसके सहकर्मियों ने मारपीट की. आरोप है कि उसे सड़क पर गिराकर घसीट दिया गया. इससे महिला के कपड़े फट गए और उसकी चेन भी लूट ली गई.
बुधवार को महिला की कंपनी, IDFC बैंक, ने ‘गेट टूगेदर’ पार्टी का आयोजन किया था. इस पार्टी में बैंक के सभी कर्मचारी शामिल हुए थे. आरोप है कि पार्टी में कुछ कर्मचारी शराब के नशे में थे. इसी बीच 2 कर्मचारियों के बीच कहासुनी हुई और मारपीट शुरू हो गई. महिला ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की, तभी उसके साथ भी बदसलूकी हुई.
इसके बाद पीड़ित महिला कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. घटनास्थल ग्वालटोली थाना क्षेत्र की है.
ग्वालटोली थानाक्षेत्र में IDFC बैंक की गेट-टू-गेदर पार्टी के दौरान नशे में धुत दो कर्मचारियों ने साथी कर्मचारी को बुरी तरह पीटने के बाद कपड़े तक फाड़ दिए. इस दौरान महिला सहकर्मी ने बीच बचाव का प्रयास किया तो आरोपी कर्मचारियों ने उन्हें सड़क पर घसीट कर पीटा, जिससे उनके कपड़े भी फट गए. इस दौरान आरोपी उनकी चेन भी लूट गए. पीड़ित महिला कर्मी कोतवाली थाने पहुंची जहां बाद में घटनास्थल ग्वालटोली निकला जिसके बाद पीड़िता ने वहां पहुंचकर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी.

शिव नामक युवक ने विवेक यादव की शर्ट फाड़कर उसे सड़क पर फेंक दिया.
पार्टी में 20 से 25 लोग शामिल हुए थे: केशवपुरम में रहने वाली महिला मालरोड स्थित IDFC बैंक में काम करती हैं. उन्होंने बताया- बुधवार को सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट्स चेंबर के पास हमारे बैंक की गेट-टूगेदर पार्टी थी. इस पार्टी में करीब 20 से 25 लोग शामिल हुए थे. इस दौरान कई कर्मचारियों ने शराब पी और बवाल शुरू हो गया. नशे में धुत बैंक के दो कर्मचारी, शिव सिंह और विवेक, साथी कर्मचारी विवेक यादव के साथ मिलकर मारपीट करने लगे. उन्होंने हमें गालियां दी, चप्पलों से पीटा और कपड़े फाड़ दिए.
“मैं वहां मौजूद होने के कारण बीच-बचाव करने की कोशिश कर रही थी. इस पर दोनों भड़क गए और मेरे बाल पकड़कर मुझे सड़क पर गिरा दिया. इससे मेरे कपड़े फट गए. इसी दौरान दोनों ने मेरी चेन भी लूट ली। मारपीट के बाद उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी और भाग गए.” इसके बाद मैंने अपने एक साथी के साथ थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई.
लूट का आरोप गलत: कर्नलगंज एसीपी अमित चौरसिया ने बताया- पीड़िता की तहरीर पर आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है. उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है. लूट का आरोप गलत है.
















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