वैशाख माह आज से शुरू: इन शुभ कार्यों से मिलेगा अक्षय फल, जानें अप्रैल के त्यौहार

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आज 3 अप्रैल 2026 से वैशाख मास शुरू हो गया है. सनातन धर्म में इसे बहुत ही पवित्र और पुण्य देने वाला महीना माना जाता है. कहा जाता है कि इस समय किए गए अच्छे कामों का फल कई गुना बढ़ जाता है और कभी खत्म नहीं होता. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस महीने में स्नान, दान, जप और तप करने का विशेष महत्व होता है. यही वजह है कि इसे पुण्य कमाने का सबसे अच्छा समय माना गया है. भगवान श्रीकृष्ण को भी यह महीना प्रिय बताया गया है.

क्या करें: वैशाख में शादी, नामकरण और मुंडन जैसे संस्कार करना शुभ होता है. नया घर बनवाना या गृह प्रवेश करना भी अच्छा माना जाता है. अक्षय तृतीया के दिन खरीदारी करना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. पूजा-पाठ, हवन और सत्संग करना भी लाभकारी होता है.

दान और सेवा: इस महीने दान और सेवा का बहुत महत्व है. रोज भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें, तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं,  शिवलिंग का अभिषेक करें. जरूरतमंद लोगों को पानी पिलाना, घड़ा, छाता, चप्पल, कपड़े, सत्तू और फल दान करना बहुत पुण्य देता है.

 क्या न करें: इस महीने मांस, शराब, लहसुन और प्याज खाने से बचें. रात में जूठे बर्तन न छोड़ें. किसी से झगड़ा या बहस न करें.मन में बुरे विचार न रखें. पानी की बर्बादी न करें . बड़ों का सम्मान करें.

ज्योतिषीय महत्व: वैशाख में सूर्य मेष राशि में होते हैं, जिससे जीवन में नई ऊर्जा और अच्छे बदलाव आते हैं. इसी समय से सौर नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है.

प्रमुख व्रत-त्योहार: इस महीने कई बड़े व्रत और त्योहार आते हैं—

14 अप्रैल – मेष संक्रांति, बैसाखी
19 अप्रैल – अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती
23 अप्रैल – गंगा सप्तमी
27 अप्रैल – मोहिनी एकादशी
30 अप्रैल – नृसिंह जयंती
01 मई – वैशाख पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा

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