आर्यन यादव पर अखिलेश के बयान से सियासत गरमायी, मुसलमान भी सपा प्रमुख से नाराज़

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रिजवान उददीन,फतेहपुर।
यूपी के फतेहपुर जिले में आर्यन यादव चाय वाले के मामले को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा लखनऊ में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब बयानबाज़ी का दौर चालू हो गया है. वहीं अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा के पूर्व मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे.

उन्होंने धुन्नी सिंह को कछुआ तस्करी, मौरंग माफिया और शराब माफिया से जुड़ा बताया था। जिसके बाद धुन्नी सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे निराधार बताते हुए कहा कि अगर उनके पास कुछ ऐसा साक्ष्य है तो सामने प्रस्तुत करें नहीं तो 10 दिनों के अंदर अखिलेश यादव को मानहानि का नोटिस भेजेंगे.

इधर सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के बहेरा चौकी स्थित चाय की दुकान पर हुए विवाद प्रकरण को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दिए गए बयान से सपा के मुस्लिम पदाधिकारी, कार्यकर्ता व अन्य लोगों ने नाराजगी जाहिर की है. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री का पुतला जलाया.

कस्बे के दीदार गेस्ट हाउस में सोमवार को मुस्लिम समुदाय की मीटिंग हुई. प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी ने दुख-दर्द बताया. इजूरा गांव के प्रधान नदीम उद्दीन ने बताया कि वह सपा के वह पक्के कार्यकर्ता हैं, पूर्व में वह जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने बताया कि लड़का चाय पीने गया था. पैसे के लेनदेन में विवाद हुआ था। विवाद में लड़के ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को कुछ भी नहीं कहा था. उन्होंने प्रकरण की जानकारी मौजूदा सपा जिलाध्यक्ष और महासचिव को अवगत कराया. उन्होंने मामले को ऊपर बात रखने की बात कही थी, लेकिन फिर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष का एकतरफा बयान आ गया.

उन्हें घटना की जानकारी गलत दी गई थी. आरोप लगाया अखिलेश यादव अपने समाज की बात तो सुन ली, लेकिन हम मुसलमानों की बातों को उन्होंने अनसुना कर दिया. बयान देने से पहले यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष मुसलमानों को लखनऊ बुलाकर उनकी भी बात सुन लेते तो अच्छा होता. ऐसे में तो पीडीए का मतलब ही नहीं बचा.

पूर्व मंत्री के ऊपर लगाए गए आरोप निराधार: मुस्लिम समाज के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और अन्य लोगों का कहना रहा कि पूर्व मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह के ऊपर लोगों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं. यदि उनका इसमें हाथ होता तो हम लोगों की तरफ से भी अब तक एफआईआर हो जाती.

मीटिंग के बाद पुतला फूंका गया: मीटिंग करने के बाद गेस्ट हॉउस के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का पुतला फूंका गया. अखिलेश यादव हाय-हाय के लोगों ने नारे लगाए.

आर्यन प्रकरण को लेकर हमारे लोगों को भेजा जा रहा जेल: सपा कार्यकर्ता मोहम्मद अकरम ने कहा कि आर्यन प्रकरण को लेकर हमारे लोगों को जेल भेजा गया, मुकदमे कायम किये गए. हमारी बात नहीं सुनी गई। आर्यन यूटूबर है वह सस्ती लोकप्रियता के लिए विशेष समुदाय का नाम लिया है. यदि मुस्लिम समाज की प्रताड़ना मौजूदा सरकार और विपक्ष में हो रही है तो मुस्लिम समाज कहां जाएगा। नाराजगी के चलते उन्होंने पुतला फूंका है. वह लोग पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे. यदि उनकी बातें नहीं सुनी गईं तो वह सामूहिक रूप से 2 हजार से लेकर 5 हजार तक इस्तीफा देने के लिए सोच सकते हैं.

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