UP में आगामी चुनावों से पहले ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की होड़ तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा ‘PDA’ की नई परिभाषा गढ़ने और इसमें ‘P’ का मतलब ‘पंडित’ (ब्राह्मण) बताने पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बेहद तीखा हमला बोला है. मायावती ने सपा पर ‘गिरगिट की तरह रंग बदलने’ और ‘राजनीतिक छल-छलावा’ करने का गंभीर आरोप लगाया है.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक के बाद एक तीन पोस्ट जारी कर अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया..
‘सपा गिरगिट की तरह बदलती है रंग’: मायावती ने लिखा कि बसपा हमेशा से ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति पर चलने वाली आंबेडकरवादी पार्टी है और उसी आधार पर चार बार सरकार चलाई है। वहीं समाजवादी पार्टी अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति और चुनावी स्वार्थ के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलती है।
‘पंडित’ बताने को कहा राजनीतिक छल: मायावती ने आगे कहा कि सपा के कथित ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) में पहले ‘P’ का अर्थ पिछड़ा था। लेकिन अब जब ब्राह्मण समाज तेजी से बीएसपी से जुड़ रहा है, तो सपा विचलित हो गई है और उसने ‘P’ का मतलब ‘पंडित’ कर दिया है। यह इनके राजनीतिक छल का जीता-जागता प्रमाण है।
सर्वसमाज को दी सावधान रहने की सलाह: मायावती ने कहा कि ऐसी छलावे की राजनीति से किसी व्यक्ति विशेष का थोड़ा भला भले हो जाए, लेकिन पूरे समाज का भला कभी नहीं हो सकता। इसलिए सर्वसमाज के लोगों को सपा की ऐसी संकीर्ण राजनीति से सावधान रहना चाहिए।
अखिलेश यादव ने क्या कहा था? दरअसल, बीजेपी पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने PDA की व्याख्या करते हुए कहा था कि “जो लोग PDA की नई-नई परिभाषा बनाते हैं, वे इसका असली अर्थ नहीं जानते. PDA में ‘PD’ दरअसल ‘पंडित’ (Pandit) का शॉर्ट फॉर्म है।” अखिलेश ने यह भी कहा कि सरकार जितनी पीड़ा देगी, PDA उतना ही मजबूत होगा। अखिलेश के इस बयान को यूपी में ब्राह्मण मतदाताओं को अपने पाले में लाने की बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा था, जिस पर अब राजनीतिक घमासान मच गया है.
















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