कानपुर RTO कार्यालय में क्राइम ब्रांच का छापा, 22 दलाल पकड़े; ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर नजर

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कानपुर के RTO ऑफिस में जिला प्रशासन और 50 पुलिसवालों की टीम ने छापा मारा. सभी बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर अचानक अंदर घुसे और ऑफिस के दोनों गेट बंद करा दिए. छापेमारी देखकर एजेंट (दलाल) इधर-उधर भागने लगे. RTO के बाहर अवैध वेंडर दुकानें बंद कर भाग गए. करीब 1:40 बजे भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने आरटीओ कार्यालय के साथ-साथ सारथी भवन को भी जांच के घेरे में ले लिया। कार्रवाई इतनी सख्त थी कि परिसर के दोनों गेट बंद करा दिए गए और बाहर से भीतर तक आवाजाही पर रोक लगा दी गई.कार्रवाई का फोकस आरटीओ परिसर में कथित तौर पर सक्रिय दलाली के नेटवर्क की परतें खोलने पर बताया जा रहा है.

चालान बाबू मृदुल मिश्रा के पास एक लाख रुपए कैश मिले: पुलिसवालों ने दौड़ाकर 22 दलालों को पकड़ लिया. हालांकि, अफरा-तफरी के बीच कई दलाल दीवार फांदकर भाग गए. इस दौरान पुलिसवालों की एक वकील से भी झड़प हो गई. टीम को कैश डिपार्टमेंट के बाबू विपिन कुमार के पास 15 हजार रुपए कम मिले. वहीं, चालान बाबू मृदुल मिश्रा के पास एक लाख रुपए कैश मिले. वह इन पैसों का हिसाब नहीं दे सके.

RTO के आरआई (रीजनल इंस्पेक्टर) संतोष यादव से बंद कमरे में एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने पूछताछ की. वहीं, SDM सदर अनुभव सिंह ने बताया कि एक ट्रक चालक ने शिकायत की थी. उसका एआरटीओ ने प्रदूषण, ट्रक का हॉर्न न बजने और सीट बेल्ट न लगाने का चालान किया था. उससे 26,700 रुपए लिए, जबकि रसीद 21, 700 की दी. इसके बाद आज (सोमवार) दोपहर करीब 1:30 बजे रेड डाली गई. इस दौरान पुलिस टीम ड्रोन से निगरानी करती रही.

एडीसीपी स्पेशल ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने प्रवर्तन कक्ष में दस्तावेजों की जांच की. इस दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों के लैपटॉप और कंप्यूटरों की भी जांच की. पहले कैश डिपार्टमेंट में छापेमारी करने के बाद एसओजी की टीम सारथी भवन पहुंची. यहां काउंटर नंबर- 6 पर गई, जहां गाड़ियों के लाइसेंस का बायोमीट्रिक होता है. यहां पर आजमगढ़ के रहने वाले कर्मचारी मुजाहिद फारुकी से पूछताछ की. मुजाहिद ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक साइट नहीं चलने की वजह से बायोमीट्रिक नहीं हो पाई है। 12 से 3:30 बजे तक 15 बायोमीट्रिक की गईं.

दलालों की तलाश में ड्रोन का सहारा: कार्रवाई को लेकर पुलिस ने कोई ढिलाई नहीं बरती. आरटीओ परिसर के ऊपर ड्रोन उड़ाकर निगरानी की गई. माना जा रहा है कि टीम यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि कार्रवाई के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति परिसर के किसी हिस्से में छिपकर निकलने से बच न जाए.

SDM बोले- भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर कार्रवाई: एसडीएम अनुभव सिंह ने बताया- विभाग की काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं. हमीरपुर जिले के ललपुरा थाना क्षेत्र में रहने वाले ट्रक चालक कामता प्रसाद ने शनिवार (22 अगस्त) को शिकायत की थी. भौंती बाईपास पर एआरटीओ सोमलता यादव ने उनके ट्रक का चालान किया था.

इसमें सीट बेल्ट और हैवी लाइसेंस नहीं होने का भी चालान किया गया, जबकि ट्रक में सीट बेल्ट नहीं होती. कामता के पास हैवी लाइसेंस था। इसके बाद भी उसका चालान किया गया।. इसके बाद जिला प्रशासन ने टीम बनाकर छापेमारी की। करीब 3 घंटे तक चली छापेमारी के बाद पुलिस टीम सभी 22 दलालों को काकादेव थाना पुलिस के हवाले कर दिया.

एसडीएम ने बताया कि जांच टीम ने पूरे RTO परिसर का निरीक्षण किया. इस दौरान जरूरी दस्तावेज, CCTV फुटेज और डिजिटल रिकॉर्डिंग को कब्जे में लिया गया है. शुरुआती जांच में कैश के रखरखाव में गड़बड़ी सामने आई है. अलग-अलग जगहों पर 5 से 7 हजार रुपए और अन्य रकम में भी अंतर मिला है.

सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट अधिकारी को सौंपी जाएगी. इसके आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी,

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