अखिलेश के सामने भिड़े एटा-कासगंज के सपा नेता, पार्टी प्रमुख ने दोनों को निकाला; भंग की इकाई

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UP के एटा और कासगंज में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने सपा के दो नेता भिड़ गए. दोनों में तीखी बहस के बाद कहासुनी शुरू हो गई. यह देखकर अखिलेश नाराज हो गए. उन्होंने दोनों नेताओं मंजीत यादव और जुगेंद्र यादव को मीटिंग से बाहर निकलवा दिया.

अखिलेश ने गुस्से में कहा- सब बड़े नेता हैं. इन लोगों से सलाह मांगिए. जाइए, अपना जो करना है, सो जाकर करिए. जब आदमी पार्टी का कहना नहीं मानता रहा, व्यवहार खराब है, तो हम किसके सिर मारें… बताओ. कोई बात नहीं, यह सब होता है. सब पैसे की गर्मी है. याद रखना, जिसके पास ज्यादा पैसा हो जाएगा, वह आपको छोड़कर चला जाएगा. इसके बाद अखिलेश यादव बैठक छोड़कर चले गए. एक घंटे बाद एटा और कासगंज दोनों जिलों की इकाइयों को भंग कर दिया. पूरा वाक्या शनिवार को लखनऊ के सपा कार्यालय में बैठक के दौरान हुआ.

वीडियो लखनऊ सपा कार्यालय का है. अखिलेश ने दोनों सपा नेताओं को बाहर निकलवा दिया.

सपा बैठक के दौरान मंजीत-जुगेंद्र में कहासुनी हुई: अखिलेश ने एटा-कासगंज जिलों में पार्टी की स्थिति और विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई थी. दोनों जिलों के 250 नेता और पदाधिकारी मौजूद थे. अखिलेश नेताओं से चुनावी तैयारियों और संगठन को लेकर जानकारी ले रहे थे.

इसी दौरान पूर्व विधान परिषद अध्यक्ष रमेश यादव के भतीजे सपा नेता मंजीत यादव ने पिछले चुनावों में पार्टी की स्थिति और हार के कारणों के बारे में बताना शुरू किया. इसके बाद एटा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव बोलने के लिए खड़े हुए.

जुगेंद्र सिंह यादव की बातों के बीच कुछ शब्दों को लेकर मंजीत यादव ने आपत्ति जताई. इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. बैठक में मौजूद नेताओं ने माहौल संभालने का प्रयास किया, लेकिन दोनों शांत नहीं हुए.

देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी होने लगी. इससे बैठक का माहौल असहज हो गया. नाराज अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं को अनुशासन में रहने को कहा, लेकिन दोनों नहीं माने। इसके बाद सपा प्रमुख भड़क गए.

एटा-कासगंज में सपा ने पूरी संगठन टीम भंग की: इसके बाद सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने एटा और कासगंज के संगठन पर कार्रवाई की. उन्होंने पत्र जारी कर दोनों जिलों के जिलाध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी, फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्ष और उनकी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया.

इसके साथ ही एटा-कासगंज से जुड़े सपा की राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों को भी उनके पदों से हटा दिया गया. यानी कार्रवाई सिर्फ जिलाध्यक्षों पर नहीं, बल्कि दोनों जिलों की पूरी संगठनात्मक टीम पर हुई है.

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