कानपुर के हनुमंत विहार में भीड़ की पिटाई से घायल गैंगस्टर अजय ठाकुर को बर्रा पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. उसे नौबस्ता के धनवंतरि अस्पताल से पकड़ा गया. पुलिस ने वर्ष 2016 के रंगदारी और मारपीट के मामले में जारी गैर जमानती वारंट (NBW) पर यह कार्रवाई की.
गिरफ्तारी के बाद उसे एसीजेएम-7 की कोर्ट में पेश किया गया. यहां कथित तौर पर गाली-गलौज करने पर अधिवक्ताओं के एक समूह ने पुलिस अभिरक्षा में उसकी पिटाई कर दी. पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उसे छुड़ाया. इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया.
वहीं गैंगस्टर अजय ठाकुर की अरेस्टिंग में पूरी कहानी रातों–रात बदल गई. पुलिस का दावा था कि गैंगस्टर के खिलाफ युवक के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया जाएगा, लेकिन अब तक पुलिस उस युवक को ही नहीं ढूंढ सकी, जिसे जबरन काली स्कॉर्पियों में बिठाकर गैंगस्टर अजय ठाकुर हनुमंत विहार लेकर आया था.
हैरान करने की बात यह भी है कि घटनास्थल से भागने के दौरान गैंगस्टर ने जिस ई–ऑटो में टक्कर मारी थी, उसकी मालकिन की तहरीर पर अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ. हनुमंत विहार थाना प्रभारी का कहना है कि ई–ऑटो मालकिन अबतक उनके पास नहीं पहुंची.
हनुमंत विहार में लोगों ने पीटा था: रविवार देर रात हनुमंत विहार जूही कलां डब्ल्यू ब्लॉक में जरौली निवासी गैंगस्टर अजय ठाकुर अपने आधा दर्जन साथियों के साथ भाजपा का झंडा और विधायक का स्टीकर लगी काले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शी राजवीर, शेखर, राम सजीवन, बहादुर और ऑटो मालकिन सुमन ने बताया था जूही कलां में खाली हुई बस्ती के पास अंधेरे में खड़ी स्कॉर्पियो गाड़ी के अंदर से चीख-पुकार सुनाई दे रही थी।
इसपर कुछ लोग मौके पर पहुंचे और मामला पूछा। इसी दौरान काले रंग की शीशा चढ़ी गाड़ी के चालक ने तेजी से गाड़ी बैक कर दी। इस दौरान पीछे खड़ी सुमन की ई-ऑटो को टक्कर मारते हुए स्कॉर्पियो तीन सौ मीटर तक घसीटते हुए ले गई। तेज आवाजें सुन सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। गाड़ी को घेर कर युवकों को नीचे उतारा गया। आक्रोशित लोगों ने कार सवारों को पीटने के बाद गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी थी।
हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने अजय ठाकुर उसके साथी शेरा उर्फ साहिल व आयुष को गंभीर हालत में हैलट में भर्ती कराया था। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गैंगस्टर को नौबस्ता के धनवंतरि अस्पताल में एडमिट कराया गया था। मंगलवार को बर्रा पुलिस ने वर्ष 2016 में दर्ज रंगदारी के केस में उसे अरेस्ट कर लिया था। जिसके बाद बर्रा पुलिस ने उसे एसीजेएम-7 की कोर्ट में पेश किया गया।
पेशी के दौरान आरोपी अजय ठाकुर ने कचहरी में मौजूद अधिवक्ताओं को देख कर गाली-गलौज शुरू कर दी। जिस पर अधिवक्ताओं के एक समूह ने पुलिस अभिरक्षा में गैंगस्टर अजय ठाकुर पर लात-घूसों से बौछार शुरू कर दी, जिससे कचहरी में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कचहरी में तैनात पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उसे किसी तरह छुड़ाकर जेल भेजा।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2016 में रंगदारी और मारपीट का केस दर्ज हुआ था। केस में आरोपी को बेल मिल गई थी, जिसके बाद वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। इस पर उसके खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी हुआ था, जिस पर उसे अरेस्ट किया गया है। डीसीपी ने बताया कि रविवार रात गैंगस्टर द्वारा एक युवक को अगवाकर पीटने की बात सामने आ रही है, उस पीड़ित की तलाश की जा रही है।
29 की उम्र में 35 से ज्यादा दर्ज मामले: गैंगस्टर अजय ठाकुर का विवादों से पुराना नाता है। 29 साल के गैंगस्टर अजय ठाकुर पर बर्रा, नौबस्ता, कोतवाली, रावतपुर, किदवई नगर थानों में रेप, छेड़छाड़, रंगदारी, हत्या का प्रयास, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, मारपीट समेत अन्य संगीन धाराओं में 35 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बर्रा थाने में आरोपी की हिस्ट्रीशीट भी खुली है, इसके साथ ही उसपर तीन बार गुंडा एक्ट की कार्रवाई पुलिस कर चुकी है।
विधायक लिखी स्कॉर्पियों से घूमता था, पुलिस अनजान: गैंगस्टर अजय ठाकुर रौब गांठने के लिए शहर में काले रंग की स्कॉर्पियों कार से भाजपा का झंडा लगाकर घूमता था। उसके काफिले में 8 से 10 ब्लैक कलर की स्कॉर्पियों शामिल रहती थीं, जिनके शीशों में हमेशा ब्लैक फिल्म लगी रहती थी। उसकी स्कॉर्पियो में विधायक का स्टीकर लगा होने से स्थानीय पुलिस भी उसे रोकने में हिचकिचाती थी। वह गाड़ियों की छत पर खड़े होकर स्टंटबाजी करते हुए अपनी कई रील्स भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था, लेकिन पुलिस राजनैतिक संरक्षण होने के कारण आंखे मूंदकर बैठी रहती थी।
















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