IIT कानपुर में एक बार फिर से एक और स्टूडेंट ने खुदकुशी की है. आईआईटी कानपुर में इस बार अर्थ साइंस में पीएचडी कर रही छात्रा प्रगति ने आत्महत्या की है. छात्रा की आत्महत्या की सूचना मिलते ही आईआईटी प्रशासन में भी हड़कंप मच गया और मामले की सूचना कल्याणपुर पुलिस को दी गई.
बताया जा रहा है कि अर्थ साइंस मेें पीएचडी कर रही छात्रा प्रगति कानपुर के चकेरी थानाक्षेत्र में सनिगवां की रहने वाली थी. पुलिस को प्रगति के शव के पास जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें उसने किसी को भी अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया है.छात्रा के पास जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें लिखा— मैं अपनी मौत की खुद जिम्मेदार हूं. अपने दोस्तों के लिए लिखा – आप लोगों में मुझे बहुत कॉपरेट किया, थैंक्स. नोट में किसी पर कोई आरोप. सनिगवां में रहने वाले छात्रा के पिता गोविंद गुप्ता का कहना है कि वह बिरहाना रोड में एक ज्वैलर्स के शोरूम में स्टॉक मैनेजर हैं. बेटी प्रगति गुप्ता (26) आईआईटी से पीएचडी फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही है. बुधवार सुबह काफी देर तक हॉस्टल का कमरा नहीं खुलने और फोन रिसीव नहीं होने पर साथी छात्राओं ने आईआईटी मैनेजमेंट को जानकारी दी थी. कमरा का दरवाजा तोड़कर आईआईटी के लोग अंदर दाखिल हुए. प्रगति का शव पंखे से फंदे से लटका मिला.
सूचना पर परिवार के लोग भी हॉस्टल पर पहुंचे. कल्याणपुर थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए. पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे पिता गोविंद गुप्ता और ताऊ गोपालदास शव देखते ही बिलख-बिलख कर रोने लगे. उनका कहना था कि बेटी ये तूने क्या कर लिया, तुम ही तो हमारी शान थी. परिजनों ने बताया कि प्रगति तीन भाईयों में अकेली बहन थी. पिता का कहना है कि उनकी बेटी बहुत जिम्मेदार थी. घर बनवाने में उसने आर्थिक रूप से काफी सहयोग किया था. प्रगति ने दिल्ली के हंसराज कॉलेज से बीएससी, झांकी की बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से एमएससी किया था. वहीं, प्रगति के ताऊ ने घटना के बाद आईआईटी प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए.
















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