बसपा नेता पिंटू सेंगर की हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे पूर्व बार एसोसिएशन के मंत्री 50 हजार के इनामी अरिदमन सिंह को क्राइम ब्रांच की टीम ने नेपाल से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी अरिदमन हत्यारोपी मनोज गुप्ता के संपर्क में था. हत्या के दौरान आरोपी घटनास्थल से 200 मीटर की दूरी पर था.
जमीन के विवाद के निपटारे को लेकर अरिदमन और दीनू ने पिंटू को दिवंगत सपा नेता चंद्रेश सिंह के घर बुलाया था। 12 अगस्त को पुलिस ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. अरिदमन दीनू गैंग का मुख्य सदस्य है और उसके खिलाफ जमीन कब्जाने, रंगदारी मांगने समेत अन्य धाराओं में करीब 12 मुकदमे दर्ज हैं.
20 जून 2020 को चकेरी थाना क्षेत्र में बसपा नेता पिंटू सेंगर की गोलियों से भूनकर दिन दहाड़े जमीनी रंजिश में हत्या कर दी गई थी. पिंटू की हत्या सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिवंगत सपा नेता चंद्रेश सिंह के घर के सामने उस समय कर दी गयी थी. हाई प्रोफाइल मर्डर केस में मृतक पिंटू के भाई धर्मेन्द्र सिंह सेंगर ने पप्पू स्मार्ट, सऊद अख्तर, महफूज अख्तर, मनोज गुप्ता, दीनू उपाध्याय, अरिदमन सिंह और अज्ञात हत्यारों के खिलाफ चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
झांसी में एनकाउंटर में मारा गया था शूटर: विवेचना के बाद हत्याकांड की साजिश में आमिर बिच्छू, तौसीफ, तनवीर बादशाह, टायसन, वीरेंद्र पाल, सिपाही श्याम सुशील मिश्रा के अलावा हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर राशिद कालिया, मो. फैसल, अहसान कुरैशी, सलमान बेग का नाम सामने आया था. राशिद कालिया झांसी में नवंबर 2023 में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था, अन्य तीनों शूटरों को पुलिस ने अरेस्ट करके जेल भेजा था.
विवेचना में निकाल दिया था नाम: लेकिन विवेचना के दौरान पुलिस ने दीनू उपाध्याय उर्फ धीरज और अधिवक्ता अरिदमन सिंह का नाम केस से निकाल दिया था. मृतक के भाई धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से शिकायत की थी, जिसके बाद फिर दीनू उपाध्याय और अरिदमन सिंह का नाम केस में बढ़ाया गया जिसके बाद पुलिस ने दीनू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
घटना के समय 200 मीटर दूर थे आरोपी: अधिवक्ता मामले की जांच कर रहे जाजमऊ थाने में तैनात इंस्पेक्टर जावेद अहमद कर रहे थे. उन्होंने सीजेएम सूरज मिश्र की कोर्ट में एडवोकेट दीनू उपाध्याय और अरिदमन सिंह के खिलाफ 900 पेज की चार्जशीट दाखिल की जिसमें प्रत्यक्षदर्शी समेत 50 गवाह शामिल किए गए है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी घटना स्थल से 200 मीटर दूर खड़े थे। अरिदमन ने सनिगवां में छोड़ दिया था मोबाइल विवेचक जावेद अहमद ने बताया था कि आरोपी अधिवक्ताओं ने घटना के समय अपने मोबाइल अलग-अलग स्थानों पर छोड़ कर आए थे. दीनू ने घटना के समय अपना मोबाइल मॉल रोड में और अरिदमन ने अपना मोबाइल सनिगवां में छोड़ दिया था. गवाहों ने इस बात की पुष्टि की, कि घटना के समय आरोपी अधिवक्ता मौके पर थे.
हत्यारोपी मनोज के कांटेक्ट में था: अरिदमन जांच में सामने आया कि जमीन के विवाद के कारण दीनू और अरिदमन ने ही हत्याकांड को अंजाम दिलवाया है. दीनू और अरिदमन ने ही पिंटू को सपा नेता चंद्रेश सिंह के घर बुलाया था. घटना से एक घंटे पहले और गोली मारे जाने के दौरान दीनू ही पिंटू सेंगर से बात कर रहा था. इस दौरान दीनू और अरिदमन आपस में कांटेक्ट में थे। साथ ही अरिदमन की फोन पर हत्यारोपी मनोज कुमार गुप्ता से भी बात हो रही थी. पुलिस की दो टीमें आरोपी को कानपुर लाने के लिए रवाना हो चुकी है.
















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