कानपुर में 8 लाख की लूट से खुले 12 बैंकों से 1600 करोड़ निकाले जाने के फर्जीवाड़े के राज

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कानपुर के श्याम नगर में हुई 8 लाख की लूट के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को अरेस्ट किया है. जिनसे लूट हुई थी उनका नाम वासिद और अरशद है. दोनों टेनरी कारोबारी महफूज के लिए कैश कैरियर्स का काम करते हैं.

जांच में पता चला कि महफूज के कानपुर 12 बैंकों के 68 खाते हैं. इन खातों से ढाई साल में करीब 1600 करोड़ कैश निकाला गया है. लूट वाले दिन महफूज के खाते से 3.20 करोड़ रुपए निकाले गए थे.

पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का लेन-देन मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी या अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है. मामले की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को पत्र भेजे जाने की तैयारी है.

वहीं, लूट करने वाले अब्दुल रहमान, शुभान खान, लारेब सिद्दीकी, मो. जीशान समेत अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. वहीं, यासीन और मुजाहिद नामक दो आरोपियों से गुरुवार देर रात मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों के पैर में गोली लगी.

पुलिस एनकाउंटर के बाद हिरासत में लूटकांड का आरोपी यासीन

16 फरवरी को श्याम नगर में हुई थी लूट: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मो. वासिद व उसका साथी अरशद कैश कैरी (एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना) का काम करते हैं. 16 फरवरी को मो. वाशिद और अरशद रुपए लेकर जा रहे थे. इसी दौरान साथ बाइक सवार चार बदमाशों ने श्याम नगर में उन्हें रोक लिया.

बदमाशों ने मो. वासिद और अरशद पर तमंचे की बट से हमला कर दिया था. इसके बाद रुपए लूट कर भाग गए. घटना के बाद घायलों ने पहले 25 लाख, 12 लाख फिर 8 लाख रुपए लूटने की बात कही. इसके बाद उन्होंने लूट की घटना से ही इनकार कर दिया था.

घटना के दिन निकले 3.20 करोड़ रुपए: पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो घायल वासिद ने बताया कि उन्होंने फूलबाग स्थित IDBI बैंक से 8 लाख रुपए निकाले थे. पुलिस ने बैंक में जांच पड़ताल की तो पता चला कि जाजमऊ निवासी टेनरी कारोबारी महफूज के अकाउंट से 3.20 करोड़ रुपए निकाले गए थे.

जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि 2023 से 2025 तक IDBI बैंक के ही करीब 14 खातों से 850 करोड़ रुपया निकाला गया है, सभी खाते जाजमऊ स्थित शिवांग टेनरी के मिले हैं.

पुलिस हिरासत में लूटकांड के आरोपी

पैन नंबर, ई–मेल आईडी की जांच शुरू हुई तो पुलिस को पता चला कि महफूज और उसके करीबियों के करीब 12 बैंकों में कुल 68 खातें है, जिनसे तकरीबन ढ़ाई साल में 1600 करोड़ का कैश निकाला गया है. यह रकम कहां खपाई जा रही थी.

क्या इस पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में प्रयोग किया जा रहा था? या टैक्स से बचने के लिए सारा गोरखधंधा चल रहा रहा था ? इन सभी पहलुओं तक पहुंचने के लिए GST, इनकम टैक्स, ईडी समेत अन्य एजेंसियों को भी पत्र लिखा जा रहा है.

GST में छूट पाने के लिए बनवाया APMC सर्टिफिकेट: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों में कानपुर, उन्नाव और फतेहपुर स्थित 10 इंटरप्राइजेजों से रकम आती थी. उन्होंने बताया कि महफूज ने GST से छूट पाने के लिए APMC सर्टिफिकेट ले रखा था, जिसमें बताया गया था कि इनकी फर्म एग्रीकल्चर फिल्ड में काम करती है.

जांच में बैंकों की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है, नियमों के मुताबिक 10 लाख से अधिक कैश निकासी पर बैंक को STR रिपोर्ट जनरेट करनी पड़ती है, लेकिन प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बैंकों की ओर से यह रिपोर्ट जनरेट नहीं की गई थी.

रहमान और शुभान ने की थी रेकी: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि घटना करीब एक माह से रेकी हो रही थी. रहमान का पूरे लूटकांड में मेनरोल है. रहमान का दोस्त अरुण सोनी, महफूज का कैश कैरी करता था. जिसके बाद अरुण से रहमान ने सारी जानकारी ली. फिर रहमान ने शुभान के साथ मिलकर IDBI बैंक में रेकी की.

घटना के दिन महफूज ने बैंक से कैश निकाला और अपने कैरियर्स को दे दिया. झकरकटी पहुंचे कैरियर्स ने बंटवारा किया और वहीं से वासिद और अरशद 24 लाख रुपए लेकर महफूज के घर जाने के लिए निकले थे, जहां से बदमाशों ने उनका पीछा शुरू कर दिया.

पुलिस एनकाउंटर के बाद हिरासत में लूटकांड का आरोपी मुजाहिद

श्याम नगर पहुंचने के बाद लुटरों ने तमंचे की बट से उनको लहुलूहान कर दिया. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि रहमान और शुभान को लुटेरों पर भी भरोसा नहीं था, जिस पर वह 100 मीटर दूरी पर खड़े होकर बदमाशों को भी ट्रेस कर रहे थे.

घटना को अंजाम देने के बाद लूट की रकम का सबसे बड़ा हिस्सा रहमान और शुभान ने लिया. लूट को अंजाम देने के बाद बदमाश दिल्ली की जामा मस्जिद, कश्मीर और नेपाल घूमने चले गए थे. लुटेरों के पास से 11 लाख रुपए बरामद हुए है.

महफूज ने कोर्ट से पूछा- मैं वांटेड तो नहीं: घटना के बाद से महफूज का सिंडिकेट खुलने लगा तो वह फरार हो गया. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अब तक की पूछताछ में महफूज ने सहयोग नहीं किया है. वह खुद पीड़ितों पर रिपोर्ट न लिखवाने का दबाव बना रहा था.

घटना के बाद से महफूज ने एक करोड़ रुपया निकाला है। महफूज की लोकेशन तलाशी जा रही है. महफूज ने कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की थी, जिसमें उसने पूछा है कि- मैं किसी मामले में वांटेड तो नहीं हूं.

इन फर्मों से खातों में डाली गई रकम

➤आजम इंटरप्राइजेज– 118 करोड़
➤अल्फिशा इंटरप्राइजेज– 133 करोड़
➤आरती इंटरप्राइजेज– 99.60 करोड़
➤फैज इंटरप्राइजेज– 104 करोड़
➤ कासिफ इंटरप्राइजेज– 68.25 करोड़
➤शमा इंटरप्राइजेज – 124 करोड़
➤सम्मोह इंटरप्राइजेज – 117 करोड़
➤राजा इंटरप्राइजेज – 64 करोड़
➤सायरा इंटरप्राइजेज– 14 करोड़
➤शबनम इंटरप्राइजेज– 151 करोड़

इन बैकों में मिले खाते: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि महफूज व उसके सहयोगियों के IDBI, HDFC, RBL, इंडसइंड, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक शामिल है.

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