हमीरपुर में कर्ज से परेशान किसान ने पड़ोसी के पशुबाड़े में फंदा लगाकर जान दे दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. किसान के परिजनों ने बैंक कर्ज को लेकर कुछ दिनों से परेशान रहने की बात कही है, वहीं एसडीएम का कहना है कि जांच में फसल नुकसान या कर्ज को लेकर बैंक की ओर से किसी प्रकार का दबाव न बनाने की बात सामने आई है.
जरिया के मांझखोर निवासी जयपाल यादव (55) बुधवार दोपहर घर से बिना बताए कहीं चले गए. परिजन उनकी तलाश कर रहे थे. बृहस्पतिवार सुबह के वक्त परिजनों ने पड़ोसी के पशुबाड़े की अटारी में किसान का शव फंदे से लटकता देखा. घटना की जानकारी के बाद आसपास के ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई. मृतक के पुत्र नीलेश ने पुलिस को बताया कि बीते कुछ माह पूर्व खेती की फसल उगाने के लिए कुछ लोगों से कर्ज लिया था लेकिन फसल खराब हो गई थी। कर्ज को लेकर पिता कई दिनों से अवसाद में चल रहे थे.
बताया जा रहा है कि मृतक के नाम पर जमीन थी जिसकी वजह से उसे बैंक से भी करीब दो लाख का ऋण लिया हुआ था. मृतक के परिवार में एक पुत्र नीलेश व दो विवाहित बेटियां मनीषा व सीता है. इस संबंध में जरिया थाना प्रभारी दिनेश कुमार पांडेय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
एसडीएम सरीला बलराम गुप्ता के मुताबिक जांच के लिए लेखपाल को भेजा था. जांच में सामने आया कि मृतक के पास करीब 10 बीघा जमीन में गेहूं की फसल लगी है और उसमें किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि किसान का इंडियन बैंक सरीला में करीब दो लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण है. इस संबंध में एलडीएम से भी बातचीत की गई लेकिन बैंक की ओर से किसी प्रकार का वसूली का दबाव होने की बात सामने नहीं आई है.
















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