उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज हो गई हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी जुलाई माह में लगभग 100 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है. हालांकि, इस संबंध में अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
बसपा का जनसंपर्क अभियान तेज: यदि ऐसा होता है, तो घोषित उम्मीदवारों को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनसंपर्क अभियान तेज करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है. बीते कुछ महीनों में बहुजन समाज पार्टी ने प्रदेशभर में समीक्षा बैठकें, कैडर कैंप और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी चुनावी तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रही है. अब राजनीतिक नजरें पार्टी की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं. उम्मीदवारों की वास्तविक संख्या, नाम और विधानसभा क्षेत्रों की पुष्टि केवल आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही होगी.
पीडीए फॉर्मूले पर आगे बढ़ सकती है सपा: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बनाई गई रणनीति के बारे में नहीं बताएंगे, लेकिन इस बार लीक हो गया है. अखिलेश यादव 2024 के लोकसभा चुनाव की तरह ही 2027 विधानसभा चुनाव में भी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर ही बढ़ने की बात कह रहे हैं. इसी बीच समाजवादी पार्टी का ‘प्लान 100’ लीक हो गया है. दरअसल, सपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव समेत पार्टी के तमाम थिंकटैंक ने तय किया है कि यूपी चुनाव 2027 में करीब 100 दलित और आदिवासी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा.
अयोध्या सीट पर सपा ने चला था दांव: सूत्रों का कहना है कि सपा ने तय किया है कि वह 14 सामान्य सीटों पर भी अनुसूचित जाति (एससी) के उम्मीदवार मैदान में उतारेगी. बताया जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान फैजाबाद (अयोध्या) से अखिलेश यादव ने दलित समाज से आने वाले अवधेश प्रसाद को मैदान में उतारा था. उनका यह दांव चल गया था और यहां से पासी समाज से आने वाले अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की थी. इसके अलावा मेरठ के सामान्य सीट होने के बावजूद सपा ने यहां से दलित उम्मीदवार सुनीता वर्मा को मैदान में उतारी थी. सुनीता वर्मा मेरठ में बीजेपी के अरुण गोविल से महज 10,585 वोटों के मामूली अंतर से हारी थीं.
सामान्य सीटों पर अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को टिकट देने की तैयारी में: प्लान के मुताबिक, सपा 14 सामान्य सीटों पर अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को टिकट देने की तैयारी में है. इसमें आरक्षित उम्मीदवारों की कुल संख्या कम से कम 100 हो जाएगी, जिसमें एससी के लिए आरक्षित 84 सीटें और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए दो सीटें शामिल हैं.
















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