उन्नाव को कानपुर से जोड़ने वाले जाजमऊ पुराने गंगा पुल पर बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है. पुल की खराब हालत को देखते हुए एनएचएआई ने इसकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया है. मंगलवार सुबह 11 बजे से पुल पर पाड़ बांधने का काम शुरू हुआ. इस दौरान रस्सा खींचने से पुल की रेलिंग भी टूट गई. मरम्मत शुरू होते ही उन्नाव और कानपुर दोनों तरफ यातायात पर असर पड़ा.
जाजमऊ का पुराना गंगा पुल कुल 19 पिलर पर बना है. इसकी मजबूती और सुरक्षा पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे. अब एनएचएआई ने पुल के सभी पिलर की मरम्मत का काम शुरू कराया है.
एनएचएआई डायरेक्टर पंकज यादव ने बताया- “पुल की मरम्मत का काम महाराष्ट्र की रिहेबिटेशन कंपनी को दिया गया है. कंपनी तीन अन्य कंपनियों के साथ मिलकर काम पूरा करेगी.”



जाजमऊ पुल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है. 16 सितंबर से काम में तेजी आएगी.
बड़े वाहनों के लिए पुल पर प्रतिबंध: अधिकारियों के मुताबिक, 10 पिलर की मरम्मत का काम दिल्ली की रिभिल्ट कंपनी करेगी, जबकि बाकी नौ पिलर का काम इसी कंपनी ने दूसरी कंपनी को सौंपा है. इस तरह पुल की मरम्मत की जिम्मेदारी तीन कंपनियों को दी गई है.
अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत का काम समय पर पूरा करने की तैयारी है. मंगलवार से पाड़ बांधने का काम शुरू हो चुका है और 16 सितंबर से काम में तेजी आएगी.
पुल के ऊपरी हिस्से में जब मरम्मत का काम शुरू होगा, तब एक तरफ काम चलेगा और दूसरी लेन से लोगों को निकाला जाएगा. NHAI का कहना है कि इस व्यवस्था से लोगों को आने-जाने में परेशानी नहीं होगी. हालांकि, बड़े वाहनों के लिए पुल पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा. इससे भारी वाहनों को दूसरे रास्तों से होकर जाना पड़ेगा.
















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