कानपुर के सजेती थाना क्षेत्र के कानपुर-सागर हाईवे पर आलियापुर टोल प्लाजा के पास अवैध वसूली का विरोध करने पर किन्नरों ने भदोही के कार सवार युवक और मौके पर पहुंची डायल 112 पीआरवी के सिपाहियों पर हमला बोल दिया. आरोप है कि किन्नरों ने एक सिपाही की वर्दी फाड़ दी और जमकर हंगामा किया. स्थानीय थाने से मदद न मिलने और घंटों कोई बैकअप न आने पर पीड़ित सिपाही सोनू यादव ने डायल 112 के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप पर अपनी पीड़ा बयां की. डीसीपी साउथ ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
टोल प्लाजा के पास कार रोककर रुपये मांगे: भदोही के बंजारी गांव निवासी अंकित सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 26 अक्तूबर की रात वह कार से हमीरपुर के कुदौरा से घाटमपुर की ओर जा रहे थे. आलियापुर टोल प्लाजा के पास कुछ किन्नरों ने उनकी कार रोक ली और रुपये मांगने लगे. रुपये देने से इनकार करने पर आरोपियों ने गालीगलौज और अभद्रता शुरू कर दी.
आरोप है कि विरोध करने पर किन्नरों ने अंकित को कार से खींचकर पीटा और वाहन में तोड़फोड़ की. परिवार के साथ खुद को असुरक्षित महसूस करने पर उन्होंने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी.
पीआरवी पहुंची तो सिपाही की वर्दी फाड़ी: अंकित के मुताबिक, सूचना पर पहुंची पीआरवी के सिपाहियों के साथ भी किन्नरों ने गालीगलौज और मारपीट की. एक सिपाही को गेट खोलकर वाहन से बाहर खींचने का प्रयास किया गया. सिपाही सोनू यादव की वर्दी भी फाड़ दी गई. इसके बाद किन्नरों ने फोन कर अपने अन्य साथियों को बुला लिया. मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा.
पीआरवी पर तैनात सिपाही सोनू यादव के मुताबिक, रात 9:42 बजे इवेंट संख्या 29317 पर सूचना मिलने के बाद उनकी टीम मौके पर पहुंची थी. वहां कुछ किन्नर एक व्यक्ति से जबरन रुपये मांग रहे थे. पीड़ित को बचाने का प्रयास करने पर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्रता शुरू कर दी.
थाने को सूचना दी, फिर भी नहीं पहुंचा बैकअप: सोनू यादव के मुताबिक, उन्होंने तत्काल सजेती थाना प्रभारी और हल्का इंचार्ज को घटना की जानकारी दी. उनके निर्देश पर पीड़ित से प्रार्थना पत्र भी दिलवाया गया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई. काफी देर तक मदद नहीं मिलने पर उन्होंने पीआरवी प्रभारी को व्हाट्सएप पर घटना की जानकारी दी. वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला और न ही बैकअप के लिए पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे.
सिपाही का आरोप है कि घटना के दौरान किन्नर पीआरवी वाहन पर चढ़कर बैठ रहे थे और अश्लील हरकतें कर रहे थे. वीडियो बनाने पर कई बार उनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया. घंटों मदद नहीं मिलने और शिकायत पर सुनवाई नहीं होने से वह निराश हो गए.
डायल 112 के ग्रुप में बयां किया दर्द: 27-28 अक्तूबर को सोनू यादव ने डायल 112 के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में अपनी पीड़ा जाहिर की. उन्होंने लिखा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता हो और पीड़ित की शिकायत के बाद भी कार्रवाई न हो, तो वे किस भरोसे के साथ अगली कॉल पर मदद के लिए पहुंचेंगे.
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी रात-बिरात अनजान लोगों की मदद के लिए सड़क पर उतरते हैं. उन्हें भरोसा रहता है कि मुश्किल परिस्थिति में उनका थाना और अधिकारी उनके साथ खड़े होंगे. लेकिन जब खुद पुलिसकर्मी के सम्मान का सवाल हो और शिकायत के बाद भी सुनवाई न हो, तो मनोबल टूटता है. उन्होंने वर्दी के स्वाभिमान और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया.
बिकरू कांड के बाद फिर उठा पुलिस की मदद का सवाल: सजेती में पीआरवी सिपाही की शिकायत पर समय से मदद नहीं मिलने के आरोप ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही का सवाल खड़ा कर दिया है. यह मामला बिकरू कांड की याद भी दिलाता है. दो-तीन जुलाई 2020 की रात विकास दुबे और उसके साथियों ने बिकरू गांव में दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया था. इसमें तत्कालीन सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.
उस घटना से पहले और उसके दौरान पुलिसकर्मियों की ओर से अधिकारियों और कंट्रोल रूम को सूचना देने तथा अतिरिक्त बल भेजने की गुहार से जुड़े ऑडियो भी सामने आए थे. समय पर मदद नहीं पहुंचने को लेकर पुलिस महकमे की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल उठे थे. अब सजेती में पीआरवी सिपाही की शिकायत के बाद भी बैकअप नहीं पहुंचने के आरोपों की जांच की मांग उठ रही है.
डीसीपी साउथ बोले- जांच कराएंगे: डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि उनके पास किसी पीड़ित सिपाही ने शिकायत नहीं की है. फिर भी वह अपने स्तर से मामले की जांच कराएंगे. यदि सिपाही के साथ कुछ गलत हुआ है, तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.
















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