मेरठ के नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद से शादी कर लगभग 37 साल पहले भारत में आई पाकिस्तान निवासी सबा मसूद उर्फ नाजिया ने वर्ष 2003 में दो अलग-अलग नाम से वोटर कार्ड बनवाए थे. इन दोनों नाम से ही वोटर कार्ड बनवाए थे. सोमवार को देहली गेट थाना पुलिस ने 23 साल बाद उसे गिरफ्तार कर लिया. नाजिया और उसकी बेटी एमन फरहत पर फर्जी पासपोर्ट, वोटर कार्ड आदि बनवाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की है.
मेरठ के थाना दिल्ली गेट पुलिस के मुताबिक वर्ष 1988 में फरहत मसूद से निकाह के बाद लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आई थी और पिछले तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता के यहां रह रही थी. आरोप है कि उसने अपनी पाकिस्तान में जन्मी बेटी एनम के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट बनवाया और कई देशों की यात्राएं की. स्थानीय महिला रुखसाना की शिकायत पर हुई जांच में वोटर आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है.
फर्जी दस्तावेजों का खेल और विदेश यात्रा: शिकायत के अनुसार, सबा ने 1993 में पाकिस्तान में बेटी एनम को जन्म दिया था और उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लाई थी. एनम को भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई, फिर भी फर्जी कागजात के आधार पर उसका भारतीय पासपोर्ट बनवाया गया.
सबा ने खुद भी वोटर लिस्ट में सबा मसूद और नाजिया मसूद के नाम से दो अलग-अलग वोट बनवा रखे थे. इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे मां-बेटी ने पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों की यात्राएं भी कीं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है.
जासूसी और स्लीपर सेल बनाने का आरोप: दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि सबा के पिता हनीफ पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट हैं. सबा और उसकी अधिवक्ता बेटी एनम पर आरोप है कि वे सैन्य इलाकों और दिल्ली स्थित विभिन्न मंत्रालयों में घूमकर गोपनीय सूचनाएं जुटाती थीं. शिकायतकर्ता ने उन पर आईएसआई के लिए जासूसी करने और भारत में स्लीपर सेल तैयार करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस अब इन सभी इनपुट्स की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें.

पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच: मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने पुष्टि की है कि दिल्ली गेट थाने में मामला पंजीकृत होने के बाद जांच की गई. जांच में महिला द्वारा बिना अनुमति यात्रा करने और फर्जी तरीके से वोटर आईडी बनवाने के आरोप सही पाए गए हैं. इसी आधार पर सबा फरहत को गिरफ्तार किया गया है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा. पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.
















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