UP के रामपुर से जुड़ी एक अहम खबर ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को अदालत से बड़ा झटका लगा है. दोनों की सजा के खिलाफ दाखिल अपील को सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
सोमवार को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा बरकरार रहेगी. इससे पहले एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को दो पैन कार्ड रखने के मामले में दोषी ठहराते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई थी. साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था.
दोनों रामपुर जेल में बंद: मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले के बाद ही दोनों को जेल भेज दिया गया था और वे फिलहाल रामपुर जिला जेल में बंद हैं. सजा के खिलाफ राहत पाने के लिए उन्होंने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी, लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी. अदालत के इस ताजा फैसले ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उन्हें जेल में ही अपनी सजा काटनी होगी.
क्या है पूरा मामला: यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के कथित तौर पर दो पैन कार्ड रखने से जुड़ा है, जिसे अदालत ने गंभीर अपराध मानते हुए सख्त रुख अपनाया. इसी आधार पर निचली अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था.
इस फैसले का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है. समाजवादी पार्टी के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं. उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान का प्रभाव लंबे समय से रहा है, ऐसे में उनकी कानूनी मुश्किलें पार्टी की रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं.
कुल मिलाकर, सेशन कोर्ट के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि फिलहाल आजम खान और उनके बेटे को किसी तरह की राहत नहीं मिलने वाली है, और आने वाले दिनों में इस मामले पर सबकी नजरें बनी रहेंगी.
















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