कॉकरोच आंदोलन के दौरान PM मोदी को गाली देने वाली लड़की ने माफी मांगी, बोली- ‘मैं शर्मिंदा हूं’

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में पीएम मोदी को गाली देने वाली नोएडा की नाबालिग लड़की ने माफी मांग ली है. उसने हाथ जोड़ते हुए कहा- मैंने जो किया, वह माफी के लायक नहीं था. यह मेरी पहली और आखिरी गलती है. मैं दोबारा ऐसा नहीं कहूंगी मुझे अपने किये पर शर्मिन्दिगी है. मैं किसी से नज़र नहीं मिला पा रही हूँ. प्लीज मुझे माफ़ कीजिये.

नाबालिग ने कहा-” मैं सिर्फ 15 साल की हूं. मैं अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी, जहां प्रदर्शन चल रहा था. वहां कई समूह पीएम मोदी को गालियां दे रहे थे. मैं उनके बहकावे में आ गई और मैंने भी कई गलत बातें कह दीं.”

दरअसल, शुक्रवार देर रात पीएम ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी किया था. इसमें उन्होंने कहा था- यह एक कल्चरल शॉक जैसा है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं. ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है. इन्हें माफ करना चाहता हूं.

पीएम के इस बयान के कुछ घंटे बाद ही नाबालिग का माफी वाला वीडियो सामने आया. इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने पूछा, ‘क्या सरकार केस भी वापस लेगी.’

पीएम ने कहा था- जंतर-मंतर पर मुझे गालियां दीं: पीएम मोदी ने कहा था- जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं, लेकिन बचपन में गलतियां होती हैं. बचपन गलतियों को सुधारने का अवसर भी होता है. ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है, इन्हें माफ करना चाहता हूं.

उन्होंने कहा- वहां जो कुछ भी हुआ, उसे दुनिया ने देखा है. यह सभ्य समाज के लिए शोभा नहीं देता है. मैं समाज के अंदर मौजूद आक्रोश को भली-भांति समझ सकता हूं. उनको सजा देने से हम परिस्थितियां नहीं बदल पाएंगे. मैं आपके लिए जीता हूं, आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए खपता हूं, आप आगे बढ़िए. 

गाजियाबाद की वकील ने केस दर्ज कराया था: मामला 23 जुलाई को जंतर-मंतर का है। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान वीडियो में नाबालिग पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती नजर आई थी. वीडियो सामने आने के बाद गाजियाबाद की वकील स्मृति सिंह चंदेल ने 30 जुलाई को उसके खिलाफ नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत की थी.

उन्होंने कहा था- मैं भी एक मां हूं। मैं नहीं चाहती कि हमारे बच्चे सोशल मीडिया पर ऐसी भाषा सुनें या उसे सामान्य मानकर उसका समर्थन करें. इसी कारण मैंने यह कानूनी कदम उठाया. हम हिंदुस्तान में रहते हैं और संस्कारों में पले-बढ़े हैं. हमें अपनी भाषा में मर्यादा और शालीनता बनाए रखनी चाहिए.

स्मृति की शिकायत नोएडा पुलिस ने रुचिका सिंह के खिलाफ BNS की धारा 352, 353(1) और 356(1) में केस दर्ज किया था.

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