अवैध खनन ने कासगंज में लील ली दो मासूमों की जान, भट्ठा मालिक की लापरवाही आयी सामने

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UP के कासगंज जिले में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई. घटना के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. यह हादसा प्रशासन की लापरवाही और क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन की पोल खोल रहा है.

खेलते समय हुआ हादसा: यह पूरी घटना सहावर ब्लॉक के भीलौली गांव की है. जानकारी के मुताबिक, गांव के रहने वाले रामरतन मौर्य का 8 वर्षीय पुत्र अंश और भगवान सिंह का 10 वर्षीय पुत्र प्रशांत अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे. खेलते-खेलते वे पास ही मौजूद मिट्टी के गहरे गड्ढों के पास पहुंच गए, जिनमें बारिश का पानी भरा हुआ था. अचानक पैर फिसलने से दोनों बच्चे उस गहरे पानी में डूब गए.

भट्ठा मालिक की लापरवाही आई सामने: बताया जा रहा है कि भट्ठा मालिक द्वारा ईंटें बनाने के लिए जेसीबी मशीन से मानकों के विपरीत मिट्टी की गहरी खुदाई कराई गई थी. इन्हीं गड्ढों में बारिश का पानी जमा हो गया था, जो बच्चों के लिए मौत का कुआं बन गया.

साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने जब अंश और प्रशांत को डूबते देखा, तो भागकर परिजनों को इसकी सूचना दी. मौके पर पहुंचे परिजनों ने किसी तरह दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला और तुरंत एक निजी चिकित्सक के पास ले गए. हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बच्चों (अंश और प्रशांत) को मृत घोषित कर दिया.

पोस्टमार्टम से इनकार, किया अंतिम संस्कार: बच्चों की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम छा गया. शोक में डूबे परिजनों ने पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया. इसके बाद, बूढ़ी गंगा के किनारे जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर दोनों मृत बच्चों का दाह संस्कार कर दिया गया.

अवैध खनन पर उठे गंभीर सवाल: इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है. ग्रामीणों का आरोप है कि खनन अधिकारी और सहावर एसडीएम भट्ठा मालिकों पर मेहरबान हैं. क्षेत्र में अवैध ईंट भट्ठों पर मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से मिट्टी का खनन किया जा रहा है. लोगों का कहना है कि यह सारा खेल खनन अधिकारी के संरक्षण में चल रहा है, जिसकी भारी कीमत आज दो मासूमों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है.

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