बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार को ‘तहलका’ के फाउंडर तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न केस में दोषी ठहराया है. कोर्ट ने गोवा ट्रायल कोर्ट के 2021 के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्हें बरी कर दिया गया था. सजा का ऐलान दोपहर 2.30 बजे किया जाएगा.
बता दें, मापुसा की सत्र अदालत ने वर्ष 2021 में तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था. इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ में चुनौती दी.
जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसांडेकर की डिवीजन बेंच ने तेजपाल को IPC की धारा 376(2)(f) और 376(2)(k) के तहत रेप और सेक्शुअल हैरेसमेंट (यौन उत्पीड़न) का दोषी माना, साथ ही धारा 354 A और 354 B के तहत भी दोषी ठहराया. हाईकोर्ट ने कहा, हमने फैसले और आदेश को रद्द कर दिया है और तेजपाल को दोषी ठहराया है.

आदेश सुनाए जाते समय तेजपाल कोर्ट में मौजूद थे. जजों से बात करते हुए तेजपाल ने कहा कि अब वह 62 साल के हो गए हैं और नरमी बरतने की गुहार लगाई.
तेजपाल ने कहा, ‘मैं 62 साल का हूं और मेरा मानना है कि मैं पीड़ित हूं. मेरी पत्नी है, और इसके अलावा कहने के लिए बहुत कुछ नहीं है. मैं बस इतना कह सकता हूं कि हम अपील कर सकते हैं. कृपया मेरे प्रति नरमी बरतें.’
तेजपाल की ओर से पेश सीनियर वकील आबाद पोंडा ने कोर्ट से अनुरोध किया कि आदेश को आठ हफ्ते के लिए रोक दिया जाए ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की जा सके.
बता दें, इस पूरे मामले की शुरुआत 7 नवंबर 2013 को गोवा में आयोजित प्रतिष्ठित THiNK Fest के दौरान हुई थी. आरोप के मुताबिक, कार्यक्रम में शामिल तहलका की एक जूनियर महिला पत्रकार के साथ होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने जबरन यौन संबंध बनाने की कोशिश की.
महिला का आरोप था कि तेजपाल ने अपने वरिष्ठ पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उसकी इच्छा के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया.















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