‘फूलन देवी बनकर लूंगी बदला…’ झोपड़ी जलाये जाने पर गुस्से से पागल हुई लड़की; बदायूं का मामला

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UP के बदायूं में एक झोपड़ी जल रही थी. सामने एक युवती खड़ी थी. गुस्से में थी. कैमरा चल रहा था. और फिर उसने एक ऐसी बात कही, जिसने इस पूरे मामले को सोशल मीडिया पर चर्चा में ला दिया… ‘फूलन देवी बनकर लूंगी बदला.’ वीडियो में दिख रही लड़की का नाम शिवानी कश्यप है. उसका आरोप है कि पुलिस और लेखपाल की टीम उसके घर में जबरन घुसी और उसकी झोपड़ी में आग लगा दी.

लेकिन कहानी का दूसरा पक्ष भी है. पुलिस कह रही है कि झोपड़ी में आग उसने नहीं लगाई. पुलिस के मुताबिक, खुद ही आग लगाई गई और बाद में पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया गया. दरअसल, ये मामला बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के लाभारी गांव का है. यहां जमीन की पैमाइश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था. पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर को नन्नी देवी की शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची. जमीन की पैमाइश हुई.

पुलिस का दावा है कि पैमाइश के बाद नन्नी देवी को उनकी जगह पर कब्जा दिलाया गया. लेकिन अगले दिन फिर विवाद खड़ा हो गया. 30 सितंबर को नन्नी देवी ने अपनी जगह पर नींव भरवाने का काम शुरू कराया. पुलिस के मुताबिक, दूसरे पक्ष ने यह नींव उखाड़ दी.

अब मामला फिर गरमा गया. इसके बाद आया 1 अक्टूबर. पुलिस के मुताबिक, राजस्व टीम पुलिस बल के साथ दोबारा गांव पहुंची. जमीन की पैमाइश से जुड़े काम को आगे बढ़ाया जाना था. लेकिन पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान सरकारी काम में बाधा डाली गई. और इसके बाद सामने आया वह वीडियो, जिसने पूरे मामले का रुख बदल दिया.

वीडियो में जलती झोपड़ी दिखाई दे रही है. उसके सामने शिवानी कश्यप नाम की लड़की खड़ी है. वह पुलिस और लेखपाल पर आरोप लगा रही है. उसका कहना है कि टीम जबरन घर में दाखिल हुई और झोपड़ी में आग लगा दी. फिर उसने गुस्से में कहा- ‘फूलन देवी बनकर लूंगी बदला.’ 

लेकिन पुलिस की कहानी इससे अलग है. पुलिस का कहना है कि झोपड़ी में खुद आग लगाई गई. आरोप है कि सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने के बाद घटना को दूसरे तरीके से पेश किया गया, ताकि पुलिस और राजस्व टीम पर आरोप लगाया जा सके.

एक तरफ युवती का आरोप है. दूसरी तरफ पुलिस का दावा है. और दोनों दावों के बीच जमीन की पैमाइश का वह विवाद है, जिसकी शुरुआत 29 सितंबर से हुई थी. फिलहाल, मामले में केस भी दर्ज हो चुका है. पुलिस के मुताबिक, हल्का लेखपाल की तहरीर पर कादरचौक थाने में केस दर्ज किया गया. पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें एक महिला को मुचलके पर छोड़ दिया गया, जबकि चार लोगों पर कार्रवाई की गई.

लड़की का वीडियो वायरल होने के बाद बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने भी मामले की जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि जांच स्थानीय थाना पुलिस से न कराकर किसी दूसरे थाने की पुलिस से कराई जानी चाहिए. उनका आरोप है कि मामले में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए धाराओं का इस्तेमाल किया गया है. फिलहाल एक तरफ वायरल वीडियो है, दूसरी तरफ पुलिस का दावा और तीसरी तरफ सांसद की ओर से जांच की मांग. जमीन की एक पैमाइश से शुरू हुई कहानी अब आरोप, आग, वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच चुकी है.

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