आज का शनिवार बेहद खास, ये काम करने वालों का बाल भी बांका नहीं करेंगे शनि देव

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शनि को न्याय का देवता कहा गया है क्‍योंकि शनि कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं. इसलिए शनि देव को लेकर लोगों के मन में भय होता है क्‍योंकि शनि बुरे कर्म करने वालों को बख्‍शते नहीं है. वहीं शनि को प्रसन्‍न करने वाले जातक जीवन में हर सुख पाते हैं. आज सावन महीने का शनिवार है. शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है और सावन महीना भगवान शिव का प्रिय महीना है. चूंकि शनि देव भगवान शिव के शिष्‍य हैं. ऐसे में आज सावन शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से शिव जी के साथ-साथ शनि देव भी प्रसन्‍न होंगे. लिहाजा आज विधि-विधान से शिव जी का अभिषेक करें, साथ ही शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे शनि की कृपा से सारे कष्‍ट भी दूर होंगे और कामों में सफलता भी मिलेगी. 

शनि देव के साथ पूजे जाते हैं हनुमान जी

वहीं शनि देव के साथ हनुमान जी की पूजा करने का विधान है. यही वजह है कि बजरंगबली की पूजा मंगलवार के अलावा शनिवार के दिन भी विशेष रूप से की जाती है. जो लोग हनुमान जी की पूजा करते हैं उनको शनि देव कभी कष्‍ट नहीं देते हैं. इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी है. 

बजरंगबली ने घायल कर दिया था शनि को 

पौराणिक कथा के अनुसार शनि देव को एक बार अपनी शक्ति पर घमंड हो गया. उन्हें मालूम हुआ कि हनुमान जी भी बहुत शक्तिशाली हैं तो शनि देव उनसे युद्ध करने पहुंच गए. जब शनि देव ने हनुमानजी को युद्ध के लिए ललकारा तो उस समय हनुमान जी अपने आराध्य प्रभु श्रीराम की भक्ति में लीन थे. लेकिन शनि देव ने उन्‍हें फिर से युद्ध के लिए ललकारा तो हनुमान जी ने शनि देव को लौट जाने के लिए कहा लेकिन शनि देव नहीं माने. 

इससे हनुमान जी क्रोधित हो गए और दोनों के बीच युद्ध शुरू हो गया. हनुमान जी ने शनिदेव पर ऐसे प्रहार किए कि वे घायल हो गए. शनि देव का घमंड टूट गया और वे हनुमान जी से क्षमा याचना करने लगे. तब हनुमान जी ने उन्‍हें क्षमा किया और घावों पर लगाने के लिए तेल दिया. तेल लगाते ही शनि के घाव ठीक हो और दर्द खत्म हो गया. 

बजरंगबली के भक्‍तों को शनि नहीं देते कष्‍ट 

तब शनि देव ने हनुमान जी से कहा अब जो भी भक्त आपकी पूजा करेंगे उन्हें शनि दोष का सामना नहीं करना पड़ेगा. तभी से शनि के साथ ही हनुमानजी की पूजा करने की परंपरा शुरू हो गई.

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