पुनीत शुक्ला, कानपुर।
UP के कानपुर में लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार से हुए हादसे में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है. शिवम, शहर के तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है. मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया था, जब हादसे से जुड़े CCTV फुटेज और डिजिटल सबूत सामने आए. कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि जांच और उपलब्ध CCTV फुटेज से यह स्पष्ट हो चुका है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था.
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि प्रारंभिक एफआईआर में उसका नाम शामिल नहीं था, लेकिन बाद में साक्ष्यों के आधार पर उसका नाम जोड़ा गया. कमिश्नर के अनुसार, पुलिस के पास दुर्घटना से पहले और बाद की गतिविधियों से जुड़े ठोस डिजिटल सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. वहीं, केके मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके बेटे ने कार नहीं चलाई थी और वह पुलिस की थ्योरी से सहमत नहीं हैं. इस बीच, शिवम के वकील ने कानपुर कोर्ट में जमानत और सरेंडर से संबंधित अर्जी दाखिल की है.
यह वही लैंबॉर्गिनी कार है जिससे 8 फरवरी को VIP रोड पर हादसा हो गया था.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय कार की रफ्तार अत्यधिक तेज नहीं थी, लेकिन वह अचानक अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गई. वहां खड़ी एक बुलेट मोटरसाइकिल को कार ने टक्कर मार दी, जिस पर दो युवक सवार थे. टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक युवक करीब 10 फीट दूर जा गिरा. कुछ लोगों ने दावा किया कि ड्राइवर सीट पर शिवम ही था और उसके मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे मिर्गी के दौरे की आशंका जताई गई. हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
बचाने तमाम कोशिशें नाकाम रहीं: तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा ने अपने बेटे को बचाने की तमाम कोशिशें कीं लेकिन नाकाम रहीं. पहले घटनास्थल से बेटे को हटवाया, फिर कहा कि मेरा बेटा गाड़ी नहीं चला रहा था, फिर पुलिस को मैनेज करने की कोशिश की गई, लेकिन मामला सीएम योगी तक पहुंच गया. जब यह पैतरा एक्सपोज हो गया तो पुलिस कमिश्नर को ही झूठा करार दिया.

नकली ड्राइवर को सरेंडर करवा दिया: फिर अचानक मंगलवार को कोर्ट में नकली ड्राइवर को सरेंडर करवा दिया गया. हालांकि, कोर्ट ने ड्राइवर मोहन की अर्जी खारिज कर दी और उसे आरोपी नहीं माना. पुलिस का कहना है कि शिवम को आर्यनगर में घर के सामने से गिरफ्तार किया गया. उसका मेडिकल कराने के बाद AJCM कोर्ट में पेश किया गया. इस दौरान आरोपी बीमार नजर आया. पुलिसवाले उसे सहारा देते नजर आए.
















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