इरशाद खान, हमीरपुर।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष निरंजन ज्योति ने कहा है कि PM मोदी को यह श्रेय जाता है कि उन्होंने आधी आबादी को उसका सबसे बड़ा विधायी अधिकार दिलाया जब महिला आरक्षण संशोधित बिल को लोकसभा की मंजूरी मिली. बोली आजादी के बाद से ही राजनीतिक भागीदारी में महिलाओं के लिए उठ रही थी आवाज. जब यह बिल पारित हुआ था तब हम लोगों ने भी बटन दबाई थी.
उनहोंने कहा कि हम लोग पुरुषों के बीच लड़ाई लड़कर विधानसभा लोकसभा पहुंचे वैसे महिला तो ऑलरेडी सक्षम है जो महिला जन्म से लेकर मृत्यु तक हमारे देश में पूजी जाती है, कन्या के रूप में, बेटी के रूप में, मां के रूप में दादी के रूप में.
देश जब मुगलों से सामना कर रहा था तब भी इस देश की बेटियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था. जहां मैं बैठी हूं बुंदेलखंड की खूब लड़ी मर्दानी झांसी वाली रानी जैसी वीरांगनाएं थी. पाकिस्तान जब दुस्साहस कर रहा था तो भारत की दो देवियां ही भारत का नेतृत्व कर रही थी.
महिलाये हमेशा से आगे रही है लेकिन पार्लियामेंट में सुरक्षित सीटें हो वहां से अपना चुनाव लड़के विधानसभा में अपना प्रतिनिधित्व करें,
बिल पारित होने जा रहा है मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सभी महिलाओं की तरफ से आभार व्यक्त करती हूं. यह बिल बहुत पहले पारित हो जाना चाहिए था लेकिन यह साहस प्रधानमंत्री जी ने दिखाया है.
















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