कानपुर में भाजपा नेता के यहां लूटकांड में खुलासे के लिए लगी 8 टीमें, CCTV में दिखे दो नकाबपोश

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कानपुर के सेन पश्चिम पारा क्षेत्र स्थित एक फार्म हाउस में कथित लूट के मामले में पुलिस ने खुलासे के लिए आठ टीमें गठित की हैं. डीसीपी दक्षिण के नेतृत्व में गठित टीमें सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी हैं. पूछताछ के लिए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है.

पुलिस ने फार्म हाउस में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली.

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया- “रमेश यादव से 12 लाख की लूट की जानकारी आई है. 8 टीमें जांच कर रही हैं. 2 संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है. जल्द पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा.”

पुलिस के मुताबिक, घटना के संबंध में तहरीर मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू करा दी. अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है. साक्ष्यों के आधार पर जल्द खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं.

पुलिस को फार्म हाउस के पेड़ पर जूते के रगड़ के निशान मिले.

पेड़ में रगड़ के निशान, फार्म हाउस में पीछे से घुसे बदमाश: फार्म हाउस में बने कमरे से सटा हुआ एक पेड़ लगा है. पेड़ पर जूते के रगड़ के निशान बने हैं. कहा जा रहा है कि बदमाश पेड़ के सहारे आए होंगे. फिर लूट की घटना को अंजाम देने के बाद वापस वॉशबेसिन में चढ़कर टीन शेड के रास्ते से कूदकर भाग निकले.

एसीपी विपिन ताडा फार्म हाउस के पीछे की ओर बाइक से पहुंचे और घटनास्थल देखा.

एडिशनल CP विपिन ताडा ने बाइक से घटनास्थल देखा: एडिशनल पुलिस कमिश्नर विपिन ताडा मौके पर पहुंचे. उन्होंने बाइक पर बैठकर पुलिसकर्मियों के साथ भी घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस जांच में सामने आया कि नकाबपोश दोनों बदमाश फार्म हाउस के चप्पे-चप्पे को अच्छी तरह जानते थे. पुलिस फार्म हाउस में आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटाने के साथ कुछ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है. कहा जा रहा है कि पुलिस को बदमाशों की लोकेशन मिल चुकी है.

डॉग स्क्वॉयड और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य: वारदात के बाद मौके पर पहुंचे डॉग स्क्वॉयड ने घटनास्थल पर जांच की. डॉग स्क्वॉयड सबसे पहले फार्म हाउस में बने गार्डन की ओर गया. फिर उस कमरे में गया, जहां पर रमेश यादव को बंधक बनाया गया था. इसके बाद वह बाउंड्री वॉल के पीछे के खेत तक गया. पुलिस अनुमान लगा रही कि चोर पीछे के रास्ते से भागे हैं.

प्रदेश मंत्री बोले- बदमाशों ने घर में घुसते ही सीने पर तमंचा लगाया: रमेश यादव ने बताया- मेरे नौकर अभय राजपूत ने मुझे खाना खिलाया. इसके बाद करीब पौने 11 बजे वह सोने चला गया. उसके जाने के 15 मिनट बाद ही 2 बदमाश आए और मेरे सीने पर तमंचा लगा दिया. एक बदमाश के हाथ में पेट्रोल की बोतल थी.

बदमाशों ने मुझसे कहा कि हम लोग बहुत परेशान हैं. हमें 2 करोड़ रुपए चाहिए. आपको मारने नहीं आए हैं. इस पर मैंने उनसे कहा कि फोन करने दो, तो रुपए मंगा देता हूं. बदमाशों ने कहा कि हम जानते हैं, तुम गार्ड बलराम को फोन करोगे.

यहां जितने रुपए हैं, हमें दे दो. इसके बाद वो लोग मुझे अंदर कमरे में ले गए. वहां लॉकर में रखे 12 लाख रुपए ले लिए. मेरी सोने की चेन, अंगूठी और रॉडो की घड़ी भी छीन ली. इसके बाद मेरे दोनों हाथ-पैर बांध दिए और मुझे बाथरूम में बंद कर दिया.

वह मुझे तौलिया और पानी की बोतल दे गए. उन्होंने मुझे इतना कसकर बांधा कि मेरे मुंह पर भी रगड़ आ गई है. भागते समय बदमाशों ने मुझसे कहा कि इतना कसकर बांधा है कि 15 मिनट बाद ही खोल पाओगे. बदमाश करीब 37 मिनट तक फार्म हाउस में रहे.

उनके जाने के बाद मैंने किसी तरह से सेलो टेप हटाया और गार्ड को कॉल किया. गार्ड अंदर पहुंचे और मुझे बाथरूम से बाहर निकाला.

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