देश को झकझोरकर रख देने वाले मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम कांड में कोर्ट ने सौरभ हत्याकांड में पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को सजा-ए-मौत,की सजा सुनाई. अदालत ने 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. सौरभ राजपूत के परिवारवालों ने मुस्कान और साहिल दोनों के लिए इसी सजा की मांग की थी। बुधवार को मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया.
इससे पहले बुधवार सुबह 10.30 बजे भी जज अरविंद कुमार मिश्रा ने जेल में बंद मुस्कान और साहिल से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए उनका पक्ष जाना. जज ने मुस्कान से पूछा- तुम अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी हो, क्या सजा चाहती हो? उसने जवाब दिया- मेरी बेटी छोटी है, उसका ख्याल रखा जाए. फिर वह खामोश हो गई। इसके बाद साहिल से यही सवाल पूछा गया, तो वह भी चुप रहा.
सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च, 2025 को हुई थी। शव को 5 टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया गया था. जुलाई, 2025 में जिला कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ था। 30 सितंबर को कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी ठहराया था.
सौरभ राजपूत की मां फैसले के वक़्त अदालत में मौजूद रहीं.
सरकारी वकील केके चौबे ने कोर्ट से मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा देने की मांग की थी. वहीं, मुस्कान-साहिल की वकील रेखा जैन ने कहा था- मुस्कान की 2 बेटियां हैं. माता-पिता बुजुर्ग हैं। कम से कम सजा होनी चाहिए.
सौरभ की मां, मौसी, भाई और अन्य लोग अदालत में थे. बुधवार की सुबह से मीडिया से हो रही बातचीत के दौरान इन सभी ने मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा की मांग की. सौरभ की मां ने सजा के ऐलान से पहले मीडिया से कहा कि बेटे सौरभ की हत्या के बाद पूरे परिवार ने न्याय पाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया है. उन्होंने प्रशासन और उन सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया जिन्होंने इस लड़ाई में सौरभ के परिवार का साथ दिया. उन्होंने कहा कि गवाहियों और अन्य सबूतों के आधार पर हमें पूरी उम्मीद है कि मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा होगी.
मुस्कान ने जेल से बड़ी बेटी को लिखी चिट्ठी: मुस्कान अपनी दोनों बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित है. वह जेल प्रशासन से अपनी बड़ी बेटी पीहू से मिलाने की मांग कर रही है. मुस्कान ने बेटी से फोन पर बात कराने की भी मांग की है. हालांकि जेल प्रशासन ने साफ कर दिया कि उनकी बड़ी बेटी का कोई मोबाइल नंबर या पता जेल प्रशासन के पास नहीं है. फिलहाल मुस्कान को बेटी को चिट्ठी लिखने के लिए सामान उपलब्ध कराया गया है. जेल प्रशासन की मानेa तो मुस्कान ने अपनी बड़ी बेटी के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है.
















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