कानपुर में तेज आंधी के साथ बारिश: गिरे ओले, कई जगह पेड़ उखड़े; 5 तक ऐसा ही मौसम रहेगा

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पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में शनिवार शाम तेज आंधी के साथ बारिश और ओले गिरे. गोविंद नगर में कई स्थानों पर बड़े पेड़ टूटकर बीच सड़क पर आ गिरे, जिससे यातायात बाधित हो गया. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा और कई वाहन पेड़ों के कारण फंस गए.आंधी-बारिश के कारण कानपुर में 200 से ज्यादा पेड़ और 92 पोल गिर गए. 

कानपुर शहर में 100 से ज्यादा मोहल्लों की बिजली गुल हो गई. काकादेव में ऑटो के ऊपर पेड़ गिरने से महिला व चालक की मौत हो गई. 100 से ज्यादा चार पहिया और दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए। 10 दुकानें और एक मंदिर पूरी तरह ढह गया. फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है वहीं कासगंज में पेड़ गिरने से बाइक सवार भाई-बहन की मौत हो गई और दो लोग घायल भी हुए.

तेज हवाओं से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई. हालांकि बारिश से गर्मी से राहत मिली, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की.

19 ट्रेनें जहां की तहां फंस गईं: उत्तरी पाकिस्तान से आए पश्चिमी विक्षोभ से मौसम ऐसा बदला कि शाम चार बजे ही समूचा शहर अंधेरे के आगोश में आ गया. तूफानी हवाओं के साथ बारिश से स्थिति विकट हो गई. 58 प्रमुख सड़क मार्गों का यातायात प्रभावित हो गया. शहर में भीषण जाम लगा. वहीं कानपुर-झांसी, दिल्ली-फर्रुखाबाद और दिल्ली मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित रहा. 19 ट्रेनें जहां की तहां फंस गईं.

आधी रात तक नगर निगम के 200 और पुलिस के 500 के अधिक जवानों संग तमाम इंजीनियर 40 वाहनों संग बचाव कार्य के साथ ही यातायात को बहाल करने में जुटे रहे. कई इलाकों में जलभराव से आवागमन और कठिन हो गया.

अस्पताल के बाहर ऊपर से गिरी मौत: कल्याणपुर के मकड़ीखेड़ा की 55 वर्षीया जमुना देवी दो बेटियों ज्योत्सना और राजकुमारी के साथ कुलवंती हॉस्पिटल गईं थीं. वहां से बाहर आकर बारिश में ऑटो में बैठी थीं. अचानक पेड़ गिरा और सभी दब गए. ऑटो क्षतिग्रस्त हो गया. जमुना देवी के साथ ही मकड़ीखेड़ा निवासी ऑटो चालक 30 वर्षीय सोनू की भी मौके पर मौत हो गई. ज्योत्सना को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राजकुमारी मामूली चोटिल हुई है.

थमे बसों के पहिए, 56 निरस्त: शनिवार को देरशाम आई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से बसों का संचालन प्रभावित हुआ. शाम पांच से रात आठ बजे के बीच झकरकटी और चुन्नीगंज बस डिपो से लखनऊ, मेरठ, मैनपुरी, आगरा, दिल्ली,पूर्चांचल रूटों पर जाने वाली 56 बसें निरस्त हो गई क्योंकि सवारियां ही नहीं पहुंची. बारिश थमने के बाद इन बसों को रात नौ बजे के बाद चलाने का निर्देश प्रबंधन ने चालक दल को दिए है. साथ ही सलाह दी है कि रात के समय 50 किमी से अधिक की गति से संचालन न करें.

5 अप्रैल तक रहेगा ऐसा ही मौसम: मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार बादलों के साथ हल्की बूंदाबांदी जारी रह सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है. उन्होंने बताया कि मौसम का यह बदला हुआ मिजाज 5 अप्रैल तक बना रह सकता है.

ठंडी हवाओं से मिली राहत शाम के समय बदले मौसम का असर शहर के अलग-अलग इलाकों में देखने को मिला, जहां ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत पहुंचाई. यदि बूंदाबांदी होती है तो आने वाले दिनों में गर्मी से और राहत मिलने की उम्मीद है.

तापमान गिरने की उम्मीद बारिश के बाद तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है. बीते कई दिनों से दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश होने पर अधिकतम तापमान में कमी आएगी और न्यूनतम तापमान भी लगभग 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है.

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