पुनीत शुक्ला, कानपुर।
UP के कानपुर में शहर में टैक्स चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां फर्जी फर्म के जरिए 14 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी की गई. राज्यकर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) की जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. मामले में फर्म मालिक रोहित मिश्रा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
फर्जी खरीद-फरोख्त दिखाकर खेला गया खेल: जांच में सामने आया कि रोहित मिश्रा ने ‘अमरनाथ इंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्म बनाकर स्क्रैप कारोबार के नाम पर फर्जी लेनदेन दिखाया. कागजों में भारी खरीद-फरोख्त दर्शाकर टैक्स प्रणाली का दुरुपयोग किया गया. असल में कोई वास्तविक व्यापार नहीं किया गया, बल्कि सिर्फ दस्तावेजों के आधार पर पूरा खेल रचा गया.
फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल से ITC का दुरुपयोग: आरोप है कि फर्म द्वारा फर्जी टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए गए. इनके आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से लाभ लिया गया. इस प्रक्रिया से सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह संगठित तरीके से किया गया आर्थिक अपराध है.
कोयला नगर से चल रहा था पूरा नेटवर्क: बताया जा रहा है कि इस फर्जी फर्म का संचालन कानपुर के कोयला नगर, दहेली सुजानपुर क्षेत्र से किया जा रहा था. यहां से पूरे नेटवर्क को नियंत्रित किया जाता था और कागजी लेनदेन के जरिए टैक्स चोरी को अंजाम दिया जा रहा था.
2024-25 का है पूरा मामला: यह पूरा घोटाला वित्तीय वर्ष 2024-25 से जुड़ा बताया जा रहा है. राज्यकर विभाग ने जब संदिग्ध लेनदेन की जांच शुरू की, तब इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी सामने आए हैं.
चकेरी थाने में दर्ज हुआ मुकदमा: मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यकर विभाग के सहायक आयुक्त ने चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है.
जांच एजेंसियां सतर्क, कार्रवाई की तैयारी: पुलिस और राज्यकर विभाग की टीमें मिलकर पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं. आशंका जताई जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
















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