पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर के किडनी कांड के खुलासे के 12 दिन बाद पुलिस ने सरगना फर्जी डॉक्टर रोहित को गिरफ्तार कर लिया है. किडनी ट्रांसप्लांट मामले में पुलिस ने आरोपी डॉक्टर रोहित, अफजल व ओटी मैनेजर अली पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था. अली और अफजल की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा जारी है.
मसवानपुर स्थित आहूजा अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट की सूचना पर पुलिस ने 31 मार्च को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ दबिश दी थी जहां से साक्ष्य के बाद पुलिस ने पनकी कल्याणपुर के प्रिया अस्पताल में छापेमारी की थी जहां पुलिस को पारुल तोमर भर्ती मिलीं. ट्रांसप्लांट कर उन्हें किडनी लगाई गई थी, जबकिआवास विकास कल्याणपुर के मेडलाइफ अस्पताल में बिहार के बेगूसराय का आयुष चौधरी भर्ती मिला जिसने अपनी किडनी पारुल को दी थी. मामले में रावतपुर थाने के दारोगा मुकेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आहूजा अस्पताल के संचालक डॉ. प्रीति आहूजा, उसके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, एम्बुलेंस चालक शिवम अग्रवाल और मेडलाइफ व प्रिया अस्पताल के संचालकों को गिरफ्तार किया था.
आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद के डॉ. रोहित, डॉ. वैभव मुद्गल, डॉ. अनुराग के साथ ही ओटी मैनेजर अली और डॉ. अफजाल का नाम सामने आया था. पुलिस ने इनमें से डॉ. रोहित, डॉ. अफजाल व ओटी मैनेजर अली पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था. रावतपुर पुलिस ने फर्जी डॉक्टर रोहित को गिरफ्तार कर लिया है बाकी अन्य आरोपियों के लिए दबिश दी जा रही है. इस मामले में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल आज सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं.
















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