कानपुर में छाते में निकले भगवान गणेश, बारिश पर भारी पड़ी आस्था; घाटों पर छतरी लगाए खड़े रहे भक्त

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कानपुर में गणेश चतुर्थी गणेश प्रतिमा के विसर्जन का अंतिम दिन गणेश प्रतिमा पर छाता लगाकर निकले. गुरूवार लगातार हो रही बारिश नहीं रुकी तो लोग रास्ते पर प्रतिमा को छाता लगाकर ले गए, घाटों तक विसर्जन तक इसी तरह से लोग छतरी लगाकर भगवान गणेश की प्रतिमा को बारिश से बचाकर पहुंचे.

दिनभर कानपुर शहर में पंडालों और घरों में रखे गए भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के लिए लोग निकले.

छाता लगाकर निकले भगवान गणेश, भक्त, बोले- भीगने नही देंगे.

शहर शुक्रवार को सुबह से ही लगातार शहर में बारिश हो रही है. पंडालो से निकलने वाले गणेश विसर्जन करने के निकले लोग बारिश में ही निकल पड़े. गणेश विसर्जन में शामिल होने वाली महिलाएं भी छाता लगाकर भक्ति संगीत पर नाचते गाते हुए भगवान गणेश के विसर्जन के लिए गंगा घाटों के लिए निकले.

शहर में लगभग 400 पंडालों में गणेश प्रतिमा रखी गई थी. अलग-अलग दिनों में विसर्जन किए जा रहे थे लेकिन आज विसर्जन का आखिरी दिन है इसलिए लोग विसर्जन के लिए निकल रहे हैं.

शहर के अलग अलग घाटों पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए लोग जा रहे हैं. इसके अलावा कृत्रिम तालाब में भी बनाए गए है, आज शहर में करीब 200 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन किया जा रहा है.

विसर्जन में महिलाएं छाता लगाकर भक्ति संगीत पर नाचते हुई निकलीं.

ग्वालटोली में झूमते-नाचते निकले भक्त: ग्वालटोली इलाके में गणेश विसर्जन के दौरान भक्त ढोल-नगाड़ों और भजनों पर झूमते-नाचते नजर आए. बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था. विसर्जन यात्रा में शामिल लोग खुद को बारिश से बचाने के लिए छाते लेकर निकले.

गणपति की प्रतिमा को भी पूरे रास्ते छाते से ढककर ले जाया गया, ताकि लगातार हो रही बारिश से प्रतिमा को बचाया जा सके.

गुलाल-अबीर लगाकर दी गणपति को विदाई: विसर्जन यात्रा के दौरान भक्त एक-दूसरे को गुलाल और अबीर लगाते नजर आए. बारिश के बीच भी जगह-जगह गणपति के जयकारे गूंजते रहे. लगातार बारिश के बावजूद गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भक्तों में उत्साह बना रहा. भक्त नाचते-गाते हुए गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए घाटों तक पहुंच रहे हैं.

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